Assam Flood: असम में लगातार हुई भारी बारिश के बाद आई बाढ़ का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। कई इलाकों में जलस्तर घटने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, फिर भी बड़ी आबादी अब भी बाढ़ की मार झेल रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। इस बीच पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में दो और लोगों की मौत की सूचना मिली है। इसके साथ ही इस वर्ष राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, फिलहाल लगभग 1.28 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, शिवसागर जिला इस समय बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां 55 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा चराइदेव जिले में लगभग 35 हजार और जोरहाट जिले में 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं। कुल मिलाकर राज्य के छह जिलों में अभी भी बाढ़ का असर बना हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है।

राहत शिविरों में लोगों को दी जा रही आवश्यक सुविधाएं
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन ने पांच जिलों में कुल 55 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। इन शिविरों में लगभग 11,250 लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है। यहां भोजन, पीने का स्वच्छ पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही चिकित्सा दल और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
खेती और पशुधन को हुआ व्यापक नुकसान
बाढ़ का सबसे अधिक असर कृषि और पशुपालन पर पड़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 14,230 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा तेज बहाव में लगभग 55 हजार पशुओं के बह जाने की सूचना है, जबकि करीब 35 हजार अन्य पशु भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें, पुल, तटबंध, मकान, स्कूल और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसका असर असम के सीमावर्ती जिलों पर भी पड़ सकता है। वहीं नागालैंड के अधिकांश हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जैसे जिलों में मौसम फिर बिगड़ सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति दोबारा गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहा है और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राज्य सरकार का कहना है कि राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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