Shubhashu Shukla : भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला रविवार को अपने देश लौट आए। वे हाल ही में 18 दिन की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) यात्रा पूरी कर 15 जुलाई को धरती पर लौटे थे। अमेरिका में मेडिकल चेकअप और पुनर्वास की औपचारिकताओं के बाद अब वे अपने परिवार के साथ भारत पहुंचे। वतन वापसी पर राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।

एयरपोर्ट पर CM, केंद्रीय मंत्री और ISRO प्रमुख ने किया स्वागत
दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने शुभांशु का स्वागत किया। इस मौके पर उनकी पत्नी कामना शुक्ला और बेटा भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और भारत माता की जय के नारों से माहौल गूंज उठा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा – “कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज सुबह दिल्ली पहुंचे। उनके साथ ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर भी थे, जो गगनयान मिशन के लिए भारत के नामित बैकअप एस्ट्रोनॉट रहे हैं।”

पीएम मोदी से जल्द हो सकती है मुलाकात
शुभांशु की वापसी के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। जब शुभांशु अंतरिक्ष में मौजूद थे, तब पीएम मोदी ने उनसे सीधे संवाद किया था और लौटने के बाद मिलने की इच्छा जताई थी।
ISS में 18 दिन का अनुभव
25 जून 2025 को शुभांशु शुक्ला ने अमेरिका के फ्लोरिडा कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए उड़ान भरी थी। 28 घंटे की अंतरिक्ष यात्रा के बाद वे ISS पहुंचे थे।
उन्होंने अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स के साथ 18 दिन बिताए। इस दौरान कई वैज्ञानिक प्रयोग और रिसर्च प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए। 15 जुलाई को मिशन पूरा कर वे सुरक्षित धरती पर लौट आए।

मेडिकल जांच और पुनर्वास
धरती पर लौटने के बाद शुभांशु और उनकी टीम को मेडिकल जांच और पुनर्वास से गुजरना पड़ा। लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहने से शरीर पर असर पड़ता है, इसलिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया था। करीब एक महीने तक अमेरिका में स्वास्थ्य मूल्यांकन और रिकवरी के बाद वे भारत लौटे।
भारत के लिए गौरव का क्षण
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की इस अंतरिक्ष यात्रा ने भारत को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया है। लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनका जिक्र किया था।वतन वापसी के बाद पूरे देश में उत्साह का माहौल है। यह उपलब्धि न सिर्फ भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को प्रदर्शित करती है, बल्कि भविष्य के गगनयान मिशन के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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