AUS vs BAN: क्रिकेट के मैदान पर कब पासा पलट जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ढाका में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में कुछ ऐसा ही रोमांच देखने को मिला, जहां ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने बेहद उतार-चढ़ाव भरे मैच में बांग्लादेश को 1 विकेट से हरा दिया। हालांकि, मेजबान बांग्लादेश की टीम शुरुआती दो मुकाबले जीतकर पहले ही इस तीन मैचों की द्विपक्षीय सीरीज को अपने नाम कर चुकी थी, लेकिन तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने साख बचाने की लड़ाई जीती। यह मुकाबला अंतिम ओवरों में इस कदर रोमांचक हो गया कि दोनों ही टीमों के प्रशंसकों की सांसें थम गईं। एक समय आसानी से जीत की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम अचानक ताश के पत्तों की तरह बिखर गई, जिससे मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया।

पांच रनों के भीतर गिरे ऑस्ट्रेलिया के चार महत्वपूर्ण विकेट
मैच के आखिरी पलों में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि जीत की दहलीज पर खड़ी ऑस्ट्रेलियाई टीम हार के कगार पर पहुंच गई। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक समय 45 ओवरों में 5 विकेट पर 266 रन था और वह बेहद मजबूत स्थिति में दिख रही थी। लेकिन इसके बाद बांग्लादेशी गेंदबाजों ने जादुई वापसी करते हुए महज 5 रन के भीतर ऑस्ट्रेलिया के 4 मुख्य विकेट चटका दिए। इस नाटकीय पतन के कारण कंगारू टीम का स्कोर 266/5 से देखते ही देखते 271/9 हो गया। कूपर कोनोली के रूप में जब ऑस्ट्रेलिया का नौवां विकेट गिरा, तब मैदान पर मौजूद हर किसी को लगा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम जीता-जिताया मैच गंवा देगी। लेकिन अंत में एडम जम्पा ने सूझबूझ दिखाई और आखिरी ओवर में शानदार चौका लगाकर अपनी टीम को रोमांचक जीत दिला दी।

ओपनर कोनोली ने खेली 149 रनों की मैराथन पारी
बांग्लादेश द्वारा दिए गए 275 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत कूपर कोनोली ने बेहद मजबूत की। सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरे कोनोली ने बांग्लादेशी गेंदबाजों की क्लास लेते हुए 149 रनों की एक बेहतरीन और यादगार शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी इस मैराथन पारी के लिए 134 गेंदों का सामना किया, जिसमें उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाते हुए 6 गगनचुंबी छक्के और 13 शानदार चौके जड़े। कोनोली एक छोर पर चट्टान की तरह डटे रहे और टीम को जीत के बिल्कुल करीब ले गए।
किसी अन्य बल्लेबाज से नहीं मिला अर्धशतकीय सहयोग
हैरानी की बात यह रही कि कूपर कोनोली के अलावा ऑस्ट्रेलिया का कोई भी दूसरा बल्लेबाज इस मैच में अर्धशतक (फिफ्टी) तक नहीं लगा पाया। इसके बावजूद कोनोली की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया बहुत आसानी से जीत की तरफ कदम बढ़ा रहा था। 45 ओवर का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए आखिरी 30 गेंदों में सिर्फ 9 रनों की दरकार थी। क्रीज पर शतकवीर कोनोली 149 रन और ओलिवर पीके 27 रन बनाकर खेल रहे थे। मैदान पर सब कुछ ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में था, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
46वें ओवर में शोरफुल इस्लाम ने दिए दोहरे झटके
बांग्लादेश के तेज गेंदबाज शोरफुल इस्लाम ने 46वें ओवर में आकर मैच का पूरा रुख ही बदल दिया। उन्होंने इस ओवर की दूसरी गेंद पर सेट बल्लेबाज ओलिवर पीके (27) को पवेलियन का रास्ता दिखाया और अगली ही गेंद पर नए बल्लेबाज जेवियर बार्टलेट को शून्य (0) पर आउट कर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया। इसके बाद अगले यानी 47वें ओवर में अनुभवी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए केवल 3 रन खर्च किए, जिससे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया।
आखिरी ओवर का रोमांच और एडम जम्पा की विनिंग बाउंड्री
दबाव का फायदा उठाते हुए शोरफुल इस्लाम ने 48वें ओवर में एक बार फिर हमला किया और बेन द्वाराहुसि (4) को आउट कर ऑस्ट्रेलिया का आठवां विकेट गिरा दिया। रोमांच अभी और बढ़ना बाकी था; 49वें ओवर में मुस्तफिजुर रहमान ने खतरनाक दिख रहे कूपर कोनोली को 149 रन के स्कोर पर बोल्ड कर दिया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने 271 रन पर अपने 9 विकेट खो दिए थे। अब अंतिम ओवर में जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया को 3 रनों की जरूरत थी और हाथ में महज 1 विकेट बचा था। इस दबाव भरे क्षण में एडम जम्पा ने ठंडे दिमाग से काम लिया और चौका मारकर टीम को 1 विकेट से रोमांचक जीत दिला दी।
कूपर कोनोली बने प्लेयर ऑफ द मैच
भले ही ऑस्ट्रेलिया ने इस आखिरी मैच को 1 विकेट से जीतकर अपनी साख बचा ली, लेकिन 3 मैचों की इस वनडे सीरीज की ट्रॉफी पहले दो मैच जीतने वाली बांग्लादेशी टीम के हाथों में ही रही। मैच खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज कूपर कोनोली को उनकी शानदार 149 रनों की पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।
मोसाद्देक हुसैन को मिला प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब
वहीं पूरी सीरीज में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल का प्रदर्शन करने वाले बांग्लादेश के 30 वर्षीय अनुभवी ऑलराउंडर मोसाद्देक हुसैन को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। मोसाद्देक ने इस सीरीज के पहले ही मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 86 रन बनाए थे और साथ ही अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए 2 महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए थे। इसके बाद तीसरे वनडे मैच में भी उन्होंने संकट के समय बेहतरीन बल्लेबाजी की और एक बार फिर नाबाद 86 रनों की जुझारू पारी खेलकर अपनी टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था।
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