Australia Immigration Policy : ऑस्ट्रेलिया के विपक्षी गठबंधन ने सत्ता में आने पर चार वर्षों के भीतर करीब 6.5 लाख अस्थायी वीजाधारियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। विपक्षी नेता एंगस टेलर ने मंगलवार को नई इमिग्रेशन नीति जारी करते हुए इसे देश के इतिहास में सबसे बड़ी प्रवासन कटौती में से एक बताया।
चार साल में नेट माइग्रेशन घटाने का लक्ष्य
प्रस्तावित नीति के अनुसार सत्ता में आने के बाद पहले दो वर्षों में नेट माइग्रेशन को घटाकर सालाना एक लाख किया जाएगा। तीसरे साल यह लक्ष्य 1.30 लाख और चौथे साल 1.60 लाख रखा जाएगा। 2025 में ऑस्ट्रेलिया का नेट माइग्रेशन करीब 3.01 लाख दर्ज किया गया था।
विदेशी छात्रों पर सबसे बड़ा असर
इस नीति का सबसे बड़ा असर विदेशी छात्रों और हाल में पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं पर पड़ सकता है। विपक्षी गठबंधन ने पढ़ाई के बाद काम करने की सुविधा देने वाले अस्थायी ग्रेजुएट वीजा को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में करीब 2.71 लाख लोग इस वीजा पर हैं, जिसे घटाकर केवल 10 हजार करने का लक्ष्य है।
छात्रों की नई सीमा और परिवार पर रोक
प्रस्तावित योजना के तहत नए विदेशी छात्रों की संख्या भी सालाना 2.40 लाख तक सीमित की जाएगी। ज्यादातर छात्रों के लिए परिवार के सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया लाने की सुविधा भी खत्म करने का प्रस्ताव है। हालांकि पीएचडी, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े छात्रों तथा क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए कुछ विशेष छूट रखी जाएगी।
कुछ क्षेत्रों में वीजा सुविधा जारी रहेगी
प्रस्ताव में पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ श्रेणियों के लिए नया अस्थायी वीजा शुरू करने की बात कही गई है। स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को वीजा बढ़ाने की सुविधा भी जारी रखने का प्रस्ताव है। वहीं कुशल कर्मचारियों के अस्थायी वीजा की संख्या एक लाख तक बढ़ाई जा सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के बाहर से करना होगा आवेदन
विपक्षी गठबंधन के मुताबिक अस्थायी वीजा के दूसरे और उसके बाद के आवेदन अनिवार्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के बाहर से करने होंगे। इससे देश में रहकर नया वीजा हासिल करने का रास्ता काफी सीमित हो जाएगा। ब्रिजिंग वीजा और अस्थायी आश्रय वीजाधारियों की संख्या में भी करीब 3.95 लाख की कटौती का लक्ष्य रखा गया है।
मानवता आधारित वीजा भी होंगे कम
प्रस्तावित नीति में मानवीय वीजा की संख्या आधी करके 10 हजार करने की बात कही गई है। विपक्षी नेता एंगस टेलर ने ऑस्ट्रेलिया को ‘होटल नहीं, घर’ बताते हुए कहा कि देश में आने वालों से स्थायी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की अपेक्षा होनी चाहिए।
प्रवासी समुदाय में बढ़ी चिंता
प्रस्ताव सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी समुदाय और विदेशी छात्रों के बीच चिंता बढ़ी है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने भारी फीस देकर पढ़ाई की और अब यदि पढ़ाई के बाद काम करने का विकल्प भी खत्म होता है, तो उनके करियर और भविष्य की योजनाओं पर बड़ा असर पड़ेगा।
सरकार ने बताया जल्दबाजी वाला कदम
सरकार की ओर से विपक्षी योजना की आलोचना की गई है। आव्रजन मंत्री टोनी बर्क ने इसे जल्दबाजी वाला फैसला बताते हुए चेतावनी दी कि इतनी बड़ी कटौती से देश के बजट, उत्पादन और सेवा क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने भी स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं।
2028 के चुनाव के बाद ही लागू होगा प्रस्ताव
विपक्षी गठबंधन की यह नीति फिलहाल केवल प्रस्ताव के स्तर पर है। ऑस्ट्रेलिया में अगला संघीय चुनाव 2028 में होना है। यदि उस चुनाव में विपक्षी गठबंधन सत्ता हासिल करता है, तभी इस प्रस्तावित इमिग्रेशन नीति को लागू करने का रास्ता खुलेगा।
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