Ayodhya Saint Letter: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या अक्सर साधु-संतों के बयानों और धार्मिक चर्चाओं का केंद्र रहती है। इसी कड़ी में, अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत में नमाज अता करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की जोरदार मांग की है। इस अत्यंत संवेदनशील विषय को लेकर उन्होंने देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत पत्र लिखा है।

ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला और अपनी मांग पर तर्क
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अपनी इस अप्रत्याशित मांग को सही ठहराने के लिए कई तर्क दिए हैं। उनका दावा है कि इस्लाम एक ऐसी उपासना पद्धति है, जो अन्य धार्मिक उपासनाओं को समाप्त कर देती है। अपनी बात को मजबूती देने के लिए उन्होंने इतिहास की कुछ दुखद घटनाओं का जिक्र किया। इनमें 16 अगस्त 1946 को हुए ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की व्यापक हिंसा और 1990 के दशक में कश्मीर में हुए हिंदू नरसंहार का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। आचार्य का मानना है कि इन घटनाओं को देखते हुए नमाज पर प्रतिबंध जरूरी है।

मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान पर तीखा पलटवार
परमहंस आचार्य की यह तीखी प्रतिक्रिया मुख्य रूप से मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए गए एक हालिया बयान के बाद आई है। मौलाना जर्जिस ने दावा किया था कि भगवान श्रीकृष्ण एक मुसलमान थे और वे पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे। इस पर भड़कते हुए आचार्य ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद के अवतरण से पहले धरती पर कोई मुसलमान था ही नहीं, इसलिए श्रीकृष्ण को नमाजी बताना बेतुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी सनातनी हिंदू ने उनके अल्लाह के बारे में ऐसी टिप्पणी की होती, तो 57 इस्लामिक देशों में भारी बवाल मच गया होता और सड़कों पर पत्थरबाजी होने लगती।
विभिन्न प्रकार के ‘जिहाद’ और गजवा-ए-हिंद का गंभीर आरोप
आचार्य ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए हिंदू देवी-देवताओं पर लगातार हो रही अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदुओं के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास चल रहा है। इसे ‘गजवा-ए-हिंद’ का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज में लव जिहाद, लैंड जिहाद, व्यापार जिहाद, फिल्म जिहाद और चिकित्सा जिहाद जैसी साजिशें सक्रिय हैं। उनका दावा है कि इनका उद्देश्य हिंदू संस्कृति को मिटाना है, इसलिए राष्ट्रपति से यह प्रतिबंध मांगा गया है।
विवादित और भड़काऊ बयानों से आचार्य का पुराना नाता
जगद्गुरु परमहंस आचार्य का विवादों से गहरा नाता है। वे लगातार अपने बयानों के कारण मीडिया में छाए रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी की खबरों पर ऐतराज जताते हुए घोषणा की थी कि जो भी उन्हें मारेगा, उसे वे पांच करोड़ रुपये का इनाम देंगे। यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इसके अलावा भी वे कई संवेदनशील और राष्ट्रीय मामलों पर अपनी उग्र टिप्पणियों के कारण हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं।
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