Home Gardening : आजकल बाजार में मिलने वाली अधिकांश हरी सब्जियां भारी मात्रा में पेस्टिसाइड्स और हानिकारक रसायनों के उपयोग से उगाई जाती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। इसके अलावा, आसमान छूती महंगाई ने भी रसोई के बजट को बिगाड़ दिया है। ऐसी स्थिति में अपने परिवार को पूरी तरह फ्रेश और ऑर्गेनिक सब्जियां खिलाने का सबसे बेहतरीन विकल्प घर की बालकनी है। छोटे फ्लैटों या सीमित जगहों में गार्डनिंग करना अब कोई कठिन कार्य नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बेहद आनंददायक शौक बन चुका है। बस थोड़ी सी योजना, बुनियादी जानकारी और उचित गमलों की सहायता से आप अपनी साधारण सी बालकनी को एक हरे-भरे छोटे से खेत में तब्दील कर सकते हैं।

किन सब्जियों से करें गार्डनिंग की शुरुआत?
यदि आप पहली बार गार्डनिंग की शुरुआत कर रहे हैं, तो उन पौधों का चुनाव करें जिन्हें उगाना सरल है और जो बालकनी के वातावरण में आसानी से पनप सकते हैं। हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, टमाटर और नींबू जैसे पौधे शुरुआती स्तर के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, मेथी, पालक और बथुआ जैसी पत्तेदार सब्जियां कम मेहनत में और बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं। इन पत्तेदार सब्जियों के लिए बहुत गहरे गमलों की आवश्यकता नहीं होती; ये छोटे प्लास्टिक के टब या चौड़े ग्रो-बैग्स में भी आसानी से फैल जाती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बालकनी में कम से कम 3 से 4 घंटे की सीधी धूप जरूर आती हो, क्योंकि अच्छी धूप मिलने से पौधों की वृद्धि तेज होती है और फल-फूल बेहतर आते हैं।

मिट्टी की गुणवत्ता और खाद का सही मिश्रण
गमले में पौधा लगाने का सबसे अहम चरण है उसकी मिट्टी या ‘पोटिंग मिक्स’ तैयार करना। केवल साधारण बगीचे की मिट्टी का उपयोग पर्याप्त नहीं है, क्योंकि गमले में पोषक तत्वों की सीमा सीमित होती है। मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए 50 प्रतिशत साधारण मिट्टी में 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद और 20 प्रतिशत कोकोपीट का मिश्रण तैयार करें। कोकोपीट का उपयोग मिट्टी को हल्का बनाए रखने और नमी को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए किया जाता है, जो पौधों की जड़ों के विकास के लिए बेहद आवश्यक है।
पौधों की देखभाल के जरूरी टिप्स
पौधों के स्वास्थ्य के लिए पानी का प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण है। पौधों में पानी हमेशा तभी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी महसूस हो; जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ने का खतरा बना रहता है। पौधों को कीड़े-मकौड़ों से सुरक्षित रखने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे रसायनों की जगह नीम के तेल का स्प्रे सर्वोत्तम विकल्प है। सप्ताह में एक बार नीम के तेल का छिड़काव करने से पौधे बीमारियों से मुक्त रहते हैं। इस प्रकार, आप बिना किसी हानिकारक केमिकल के अपने घर पर ही शुद्ध, सेहतमंद और ऑर्गेनिक सब्जियां प्राप्त कर सकते हैं, जो न केवल आपकी सेहत के लिए अच्छी हैं बल्कि आपके बजट को भी संतुलित रखेंगी।
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