Balrampur Principal
Balrampur Principal: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। कुसमी विकासखंड के बसकेपी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक प्राचार्य ने अपनी ही सहयोगी शिक्षिका के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। सबसे अधिक विचलित करने वाली बात यह है कि पीड़ित शिक्षिका अनिगा लकड़ा 9 महीने की गर्भवती हैं। घटना के बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और आरोपी प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। पीड़िता ने गनेशमोड़ चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
घटना की शुरुआत उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) को लेकर हुई। जानकारी के अनुसार, कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में बच्चों की छुट्टी घोषित कर दी थी। पीड़िता अनिगा लकड़ा, जो स्कूल में भूगोल की व्याख्याता हैं, उन्होंने 6 जनवरी को ऑनलाइन माध्यम से एक दिन का आकस्मिक अवकाश (CL) लिया था। अगले दिन 7 जनवरी को जब वह सुबह 10 बजे से पहले स्कूल पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि प्राचार्य मंगना राम ने उन्हें जानबूझकर ‘अनुपस्थित’ दर्शाया था। हैरानी की बात यह थी कि दो अन्य स्टाफ सदस्य जो स्कूल नहीं आए थे, उन्हें प्राचार्य ने ‘उपस्थित’ मार्क किया था।
शिक्षिका ने जब इस भेदभाव और गलत हाजिरी को लेकर प्राचार्य मंगना राम से सवाल किया, तो वह आगबबूला हो उठे। पीड़िता का आरोप है कि प्राचार्य ने पहले उनके साथ अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया और फिर उनके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही नहीं, प्राचार्य ने उनकी गर्भावस्था का भी लिहाज नहीं किया और उनके पेट पर घूंसे मारे। शिक्षिका को धमकी दी गई कि उनकी सेवा पुस्तिका (Service Book) खराब कर दी जाएगी और उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाएगा। 9 माह की गर्भवती होने के कारण पेट में चोट लगने से शिक्षिका को तेज दर्द की शिकायत हुई, जिससे उनकी और उनके गर्भस्थ शिशु की जान पर संकट बन गया।
इस घटना ने जिले के समस्त शिक्षकों में रोष पैदा कर दिया है। छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन संघ के जिला अध्यक्ष पवन सिंह ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘जघन्य’ बताया है। संघ के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को एक ज्ञापन सौंपकर आरोपी प्राचार्य मंगना राम को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी को पद से नहीं हटाया गया, तो शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
मामला सुर्खियों में आते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी मनी राम यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कुसमी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए थे। 8 जनवरी की सुबह बीईओ अपनी टीम के साथ स्कूल पहुंचे और वहां मौजूद स्टाफ के बयान दर्ज किए। जांच की प्रारंभिक कार्यवाही पूरी कर ली गई है। डीईओ ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी प्राचार्य के खिलाफ बिना किसी देरी के कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं, विशेषकर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार पर सवाल खड़े करती है। एक प्राचार्य, जो पूरे स्कूल का मार्गदर्शक होता है, यदि वही इस तरह की हिंसक और अशोभनीय हरकत करे, तो शिक्षा व्यवस्था की छवि धूमिल होती है। फिलहाल, पीड़िता के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है और पुलिस भी मामले की आपराधिक जांच में जुट गई है।
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