Balrampur Accident : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अच्छी बारिश के बाद किसान तेजी से खरीफ सीजन की खेती की तैयारियों में जुटे हुए हैं। खेतों की जुताई और बुवाई का कार्य पूरे जिले में तेजी से चल रहा है। इसी बीच बुधवार को त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम शारदापुर से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। खेत की जुताई के दौरान ट्रैक्टर पलट जाने से एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया और मृतक के परिवार में मातम का माहौल छा गया।

जुताई करते समय अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर
जानकारी के अनुसार, पतराटोला निवासी अजय अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे। बारिश के बाद खेत में पर्याप्त नमी होने के कारण मिट्टी काफी गीली और कीचड़युक्त थी। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रैक्टर पलटने के साथ ही चालक अजय उसके नीचे दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिल सका।

ग्रामीणों ने बचाने की पूरी कोशिश की
हादसे के समय आसपास के खेतों में कई किसान कृषि कार्य कर रहे थे। ट्रैक्टर पलटने की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अजय को बचाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को हटाने की कोशिश की, लेकिन भारी वाहन होने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। काफी प्रयासों के बाद जब अजय को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
कीचड़ बना हादसे की वजह
स्थानीय किसानों का कहना है कि हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण खेतों में काफी कीचड़ जमा हो गया था। जुताई के दौरान ट्रैक्टर का एक पहिया कीचड़ में फंस गया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। किसानों का मानना है कि बरसात के मौसम में खेतों में ट्रैक्टर चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि गीली मिट्टी और फिसलन के कारण इस तरह की दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही त्रिकुंडा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को वाड्रफनगर सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को भी दर्ज किया ताकि दुर्घटना के कारणों की पूरी जानकारी सामने आ सके।
प्रारंभिक जांच में दुर्घटनावश मौत की आशंका
त्रिकुंडा थाना प्रभारी व्यास नारायण ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला दुर्घटनावश हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आवश्यक बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में किसी प्रकार की अन्य आशंका सामने नहीं आई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस हादसे के बाद मृतक किसान अजय के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अजय मेहनती किसान थे और खेती-किसानी के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे शारदापुर गांव में शोक का माहौल है। गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सहायता और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की अपील
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बरसात के मौसम में कृषि कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खेतों में कीचड़, फिसलन और असमतल जमीन के कारण ट्रैक्टर जैसे भारी कृषि वाहनों के पलटने का खतरा बढ़ जाता है। कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को सलाह देते हैं कि अत्यधिक गीली भूमि पर मशीनरी चलाते समय सतर्क रहें और सुरक्षा उपायों का पालन करें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।












