Congress Protest : राहुल गांधी की हिरासत पर देशभर में सियासी संग्राम, कांग्रेस के विरोध पर बीजेपी का पलटवार

Congress Protest : दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न राज्यों में रैलियां, मार्च और धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने सख्ती बरती और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया। पार्टी ने इस मुद्दे को नीट (NEET) पेपर लीक मामले और छात्रों के भविष्य से जोड़ते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

ads

नीट पेपर लीक को लेकर सरकार पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी नेताओं का कहना है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इन मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया गया था, जहां राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

Adst

तमिलनाडु में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध

चेन्नई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे नेताओं और छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की हिरासत की निंदा करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और उसे दबाया नहीं जाना चाहिए।

केरल और कर्नाटक में भी विरोध प्रदर्शन तेज

केरल के पालक्काड़ में यूथ कांग्रेस और केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कांग्रेस लीगल सेल और पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।

गुजरात और तेलंगाना में कांग्रेस का प्रदर्शन

गुजरात के सूरत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत का विरोध करते हुए रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान नीट पेपर लीक का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दूसरी ओर तेलंगाना कांग्रेस ने हैदराबाद में ‘चलो लोक भवन’ मार्च का आह्वान किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लोक भवन के बाहर एकत्र हुए, जिसके चलते क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

बीजेपी ने भी किया जवाबी प्रदर्शन

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों के समानांतर भारतीय जनता पार्टी ने भी कई राज्यों में जवाबी प्रदर्शन किए। बीजेपी नेताओं का आरोप था कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के विरोध कार्यक्रमों का विरोध करते हुए विभिन्न स्थानों पर मार्च और प्रदर्शन आयोजित किए। इससे कई राज्यों में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।

हैदराबाद, जम्मू और विजयवाड़ा में बढ़ा तनाव

हैदराबाद में राज्य बीजेपी अध्यक्ष रामचंद्र राव और अन्य नेताओं को उस समय पुलिस ने हिरासत में लिया, जब वे बीजेपी मुख्यालय से कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च निकाल रहे थे। जम्मू में कांग्रेस कार्यालय के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जहां दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हाथापाई की घटनाएं भी सामने आईं।

संसद परिसर में विपक्ष का काले कपड़ों में प्रदर्शन

देशभर में जारी राजनीतिक विरोध के बीच संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। विपक्ष का कहना है कि यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए किया गया।

20 जुलाई की घटना बनी राजनीतिक टकराव का केंद्र

पूरा विवाद 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद और तेज हो गया। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। साथ ही कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अब यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.