Bareilly violence: बरेली में हाल ही हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मौलाना तौकीर रजा के करीबी और गुर्गे माने जा रहे नफीस के ‘रजा पैलेस’ नामक बारात घर पर शनिवार को बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। नफीस को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, वहीं उसके बेटे को भी हिरासत में लिया गया है।

‘रजा पैलेस’ बारात घर हुआ ध्वस्त
शहर के जखीरा मोहल्ले में स्थित ‘रजा पैलेस’ डॉ. नफीस का बारात घर है, जिसे पुलिस-प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई बीते मंगलवार को बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) द्वारा सपा पार्षद और मौलाना तौकीर रजा के रिश्तेदार उमान रजा के गैराज और दो नवनिर्मित दुकानों के ध्वस्त होने के बाद की गई है। प्रशासन का यह कदम हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

नफीस पर गंभीर आरोप, पुलिस को दी थी धमकी
नफीस को मौलाना तौकीर रजा का सबसे करीबी बताया जाता है। पुलिस के अनुसार, नफीस ही हिंसा के मुख्य आरोपियों में से एक है, जिसने उकसावे भरे बयान देकर स्थिति को बिगाड़ा। जब पुलिस ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर हटाने पहुंची थी, तब नफीस ने एक इंस्पेक्टर से धमकी देते हुए कहा था कि पुलिस के हाथ काट दूंगा और पोस्टर को हाथ भी नहीं लगाना। इस मामले में पुलिस ने नफीस के साथ-साथ उसके बेटे को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा
बरेली की डिप्टी एसपी सोनाली मिश्रा ने बताया कि प्रशासन ने हिंसा के मामले में 83 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मौलाना तौकीर रजा फिलहाल फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।
नमाज का वक्त बदलकर भड़का दी भीड़
एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिंसा वाले दिन मस्जिदों में जानबूझकर नमाज का समय बदला गया था। सामान्यतः शुक्रवार को शहर की मस्जिदों में दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक नमाज होती है, लेकिन उस दिन अचानक एक बजे नमाज कराई गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग नौमहला मस्जिद से निकलकर इस्लामिया ग्राउंड की ओर बढ़े, जो बाद में हिंसा में शामिल हो गए।
वॉट्सऐप ग्रुप और CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। CCTV फुटेज और कंट्रोल रूम की वीडियो रिकॉर्डिंग से पता चला कि हिंसा की पूर्व योजना सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो अपील से शुरू हुई। इस वीडियो के बाद कई वॉट्सऐप ग्रुप्स में नमाज के समय बदलाव की जानकारी फैलाई गई।
नफीस के बेटे फरहान की भूमिका
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि IMC के आधिकारिक फेसबुक पेज को नफीस का बेटा फरहान ऑपरेट करता था। पूछताछ में सामने आया कि फरहान ने नमाज के समय बदलने की अपील उसी फेसबुक पेज पर डाली थी। बाद में प्रशासन को गुमराह करने के लिए उसने स्क्रीनशॉट वायरल किया और पोस्ट डिलीट भी कर दी।
बरेली हिंसा मामले में प्रशासन ने न केवल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उनके अवैध संपत्ति और घुसपैठी इमारतों को ध्वस्त कर कड़ा संदेश भी दिया है। सोशल मीडिया और फेक न्यूज़ के जरिए लोगों को उकसाने वाले तत्वों पर भी सख्ती बरती जा रही है। इस कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि बरेली में शांति व्यवस्था बहाल होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।











