Barwani Road Accident : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने आया है। मंगलवार की शाम एक तेज रफ्तार कार और ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर ने पांच परिवारों के चिराग बुझा दिए। यह दर्दनाक हादसा जुलवानिया क्षेत्र के पास हुआ, जहां खुशियों भरा माहौल मातम में बदल गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।

शादी समारोह की खुशियां मातम में बदलीं
हादसे का शिकार हुए सभी युवक एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये सभी लोग महाराष्ट्र के जलगांव से बड़वानी जिले के रुई गांव में एक शादी समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। समारोह के दौरान ही उनकी कार का ईंधन कम होने लगा, जिसे भरवाने के लिए वे पास के जुलवानिया कस्बे की ओर गए थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि तेल भरवाकर वापस लौटते समय मौत उनका रास्ता रोककर खड़ी होगी। खुशियों के बीच से निकला यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित हुआ।
जुलवानिया टोल नाके के पास काल बनी रफ्तार
जुलवानिया थाना प्रभारी रामकुमार पाटिल ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह भीषण एक्सीडेंट मंगलवार शाम लगभग 4:30 से 5:00 बजे के बीच हुआ। कार सवार युवक जब ईंधन भरवाकर जुलवानिया से वापस रुई गांव की ओर लौट रहे थे, तभी टोल टैक्स नाके के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तीन युवक प्राण त्याग चुके थे।
मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में तब्दील हुई कार से शवों और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान सचिन वास्काले (25 वर्ष), प्रद्युम सहते (25 वर्ष), आकाश दयाराम (25 वर्ष), पप्पू हीरालाल (29 वर्ष) और यशवंत सुदापिया (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दो घायलों को तत्काल बड़वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। मृतकों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच होने के कारण यह क्षति और भी मर्मस्पर्शी हो गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच जारी
हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। बड़वानी जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सड़क पर कोई ब्लैक स्पॉट या अन्य अवरोध तो नहीं था जिसने इस विनाशकारी टक्कर को अंजाम दिया।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और वाहनों की गति सीमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टोल नाकों के समीप अक्सर वाहनों की आवाजाही अनियंत्रित हो जाती है, जो ऐसे हादसों का सबब बनती है। स्थानीय निवासियों ने भी मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। पांच होनहार युवकों की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवारों को तोड़ा है, बल्कि पूरे समाज को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत रहने की चेतावनी दी है। फिलहाल, रुई गांव में जहां शहनाइयां बज रही थीं, वहां अब सन्नाटा और सिसकियां हैं।

















