Batauli Health Center dispute : सरगुजा जिले के बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो दिन पूर्व हुए विवाद ने अचानक नया मोड़ ले लिया है। सड़क दुर्घटना के घायलों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। उपचार में लापरवाही और एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाकर विधायक ने एंबुलेंस चालक को हटाने और बीएमओ के निलंबन की अनुशंसा की थी। विधायक के इस आदेश का वीडियो भी वायरल हुआ था।

विधायक की कथित सख्ती के बाद खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. संतोष सिंह ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट और गाली-गलौज के आरोप लगाए थे। मामला इतना गरमाया था कि बीएमओ ने चेतावनी दे दी थी कि “अगर निलंबित किया गया तो स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर बैठेंगे।”

अब खबर है कि मारपीट के आरोपों से घिरे विधायक खुद बचाव की मुद्रा में आ गए है। निलंबन न होने के आश्वासन के बाद विधायक और बीएमओ के बीच समझौते की खबर आई है, और साथ ही एंबुलेंस चालक तथा बीएमओ दोनों ने अपने ही आरोपों से पलटी मार ली है। इनसे बातचीत का वीडियो भी विधायक समर्थकों ने बनाया है और उसे वायरल किया जा रहा है। ड्राइवर मनोज दास का नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह विधायक द्वारा मारपीट की घटना से इनकार करते हुए उनके काम की सराहना कर रहा है।
भाजपा नेता अमित गुप्ता ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा नेताओं ने इसे विधायक की छवि धूमिल करने की साज़िश बताया। अमित गुप्ता ने साफ कहा “यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई, तो कठोरतम कार्रवाई होगी।”
फिलहाल, समझौते के बाद विवाद थमता दिख रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था और राजनीतिक खींचतान ने क्षेत्र में कई सवाल छोड़ दिए हैं।










