Bemetara Fake IAS
Bemetara Fake IAS: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ खुद को आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर ग्रामीणों को ठगने वाले एक शातिर जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी रोहित कुमार पिछले एक साल से देवकर नगर पंचायत में रह रहा था और इलाके में अपनी झूठी पहचान बनाकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था। वह इतना शातिर था कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए हमेशा गले में आईएएस का फर्जी आईडी कार्ड लटकाए रखता था। इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे और स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है।
आरोपी ने ठगी को सुनियोजित रूप देने के लिए एक नकली दुनिया खड़ी कर रखी थी। उसने बेमेतरा में किराए के दो मकान ले रखे थे, जिनमें से एक को वह बाकायदा कार्यालय की तरह इस्तेमाल करता था। उसने खुद ही फर्जी मोमेंटो और मेडल बनवाए थे, जिन पर ‘छत्तीसगढ़ शासन जिला कलेक्टर बेमेतरा’ लिखवाया गया था। जब भी कोई ग्रामीण उससे मिलने आता, तो वह इन मेडल और मोमेंटो को दिखाकर उन्हें भ्रमित करता था। आरोपी अपनी पहुंच का दिखावा करने के लिए अंडरग्राउंड रहकर जमीनी हकीकत समझने का नाटक भी करता था, ताकि लोगों को लगे कि वह कोई गोपनीय मिशन पर आया बड़ा अधिकारी है।
छत्तीसगढ़ के भोले-भाले ग्रामीण सरकारी नौकरी पाने की लालसा में इस ठग के जाल में बड़ी आसानी से फंस गए। आरोपी ने ग्राम भट्ठा निवासी भागचंद कुर्रे को पुलिस में ड्राइवर बनवाने का लालच देकर 85,500 रुपये ऐंठ लिए। इसी तरह, सुनील यादव नाम के व्यक्ति से बाइक दिलाने के नाम पर 12,000 रुपये और कंडरका चौकी क्षेत्र के एक अन्य युवक से सरकारी नौकरी के नाम पर 35,000 रुपये वसूले। वह लोगों को यह विश्वास दिलाने में सफल रहता था कि उसकी शासन-प्रशासन में बहुत ऊंची पहुंच है और वह एक हस्ताक्षर से किसी को भी नियुक्ति दिला सकता है।
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब देवकर निवासी जसपाल राजपूत ने पुलिस में नौकरी दिलाने के लिए आरोपी को 1 लाख 65 हजार रुपये दिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब जसपाल की पोस्टिंग नहीं हुई और आरोपी टाल-मटोल करने लगा, तो उसे शक हुआ। जब जसपाल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उसे फर्जी पोस्टिंग की कहानियां सुनाकर डराने की कोशिश की। इसके बाद 23 फरवरी को जसपाल ने देवकर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब आरोपी के घर दबिश दी और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी आईएएस की वर्दी के पीछे छुपा असली चेहरा सामने आ गया।
पुलिस जांच में पता चला कि खुद को बड़ा अधिकारी बताने वाला रोहित कुमार असल में केवल 10वीं पास है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले (थाना सराय अकील) का रहने वाला है। वह देवकर में बलराम साहू के घर पर किराएदार बनकर रह रहा था। देवकर चौकी प्रभारी अनिल चंद के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 319(2) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसके तार और किन-किन लोगों से जुड़े हैं और उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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