Bemetara News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के थानखम्हारिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पदमी में खेल मैदान पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से प्रशासन के समक्ष शिकायतें करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव में आयोजित राजस्व निपटारा शिविर का घेराव कर दिया। विरोध के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर मौजूद तहसीलदार और नायब तहसीलदार को कुछ समय तक ग्रामीणों ने बाहर नहीं जाने दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।

लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे थे ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सार्वजनिक खेल मैदान पर प्रभावशाली लोगों ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को लिखित शिकायतें और आवेदन दिए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों और युवाओं के लिए बने खेल मैदान का उपयोग अब पहले की तरह नहीं हो पा रहा है, जिससे गांव के लोगों में लगातार असंतोष बढ़ता गया। जब भी प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद की गई, मामला आगे नहीं बढ़ा, जिसके कारण लोगों का धैर्य जवाब दे गया।

राजस्व शिविर के दौरान बढ़ा विवाद
राजस्व निपटारा शिविर में अधिकारियों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने खेल मैदान को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई। शुरुआत में ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर माहौल गर्मा गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसीलदार सरिता मढ़ारिया और नायब तहसीलदार मोरध्वज साहू को चारों ओर से घेर लिया और उन्हें मौके से जाने नहीं दिया। इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी गई।
प्रशासन ने न्यायालय में लंबित मामले का दिया हवाला
तहसीलदार सरिता मढ़ारिया ने ग्रामीणों को समझाते हुए बताया कि संबंधित अतिक्रमण का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत अधिनियम के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया निर्धारित है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 56 के अनुसार ग्राम पंचायत और ग्राम सभा को गांव में हुए अतिक्रमण को हटाने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि न्यायालय में लंबित मामलों के निस्तारण के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही थानखम्हारिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। काफी देर तक चली चर्चा और समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों ने शीघ्र समाधान की मांग दोहराई
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करना नहीं था, बल्कि लंबे समय से लंबित समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था। उन्होंने मांग की कि खेल मैदान को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि गांव के बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान मिल सके। वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले का समाधान किया जाएगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
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