TMC Crisis : बंगाल में टीएमसी का महासंकट, 58 विधायकों के बाद अब कई सांसदों के बगावत के आसार

TMC Crisis : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर आंतरिक कलह और संकट गहराता जा रहा है. बंगाल की सत्ता से बाहर होने के महज एक महीने के भीतर ही पार्टी का पूरा राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है. टीएमसी विधायक दल में एक बड़ी टूट सामने आई है, जहां ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में पार्टी के 58 विधायकों ने अपना एक अलग गुट बना लिया है. सबसे बड़ी बात यह है कि विधानसभा स्पीकर ने इस नए गुट को आधिकारिक तौर पर अपनी मान्यता भी दे दी है, जिससे ममता बनर्जी को राज्य स्तर पर बड़ा झटका लगा है.

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लोकसभा में मंडराया खतरा: काकोली घोष दस्तीदार ने बुलंद की बगावत की आवाज

विधानसभा में इस भारी टूट के बाद अब लोकसभा में भी टीएमसी सांसदों के अलग होने का खतरा मंडराने लगा है. संसद के निचले सदन में भी बंगाल जैसी ही बगावती तस्वीर दिखने की पूरी संभावना बनी हुई है. पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सबसे पहले विद्रोह का झंडा उठाते हुए टीएमसी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है. राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, जिस तरह विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी ने विधायकों को एकजुट किया था, ठीक उसी तर्ज पर काकोली घोष दस्तीदार दिल्ली को केंद्र बनाकर लोकसभा सांसदों को एक मंच पर लाने की मुहिम में जुटी हुई हैं.

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दिल्ली बना सियासत का अखाड़ा: अभिषेक बनर्जी समय से पहले पहुंचे, ममता की एंट्री जल्द

आगामी 8 जून को देश की राजधानी में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के दिल्ली पहुंचने की संभावना है. हालांकि, सांसदों के बीच मची इस भारी खींचतान और बगावत की खबरों के बीच, अभिषेक बनर्जी अपने तय कार्यक्रम से एक दिन पहले ही शनिवार को कोलकाता से दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि ममता बनर्जी के रविवार को आने की उम्मीद है. अभिषेक बनर्जी के इस अचानक और समय से पहले दिल्ली आगमन को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. माना जा रहा है कि वह असंतुष्ट और बागी सांसदों को मनाने की आखिरी कोशिशों में जुटे हैं.

‘ऑपरेशन लुटियंस’ की सुगबुगाहट: क्या 8 जून को स्पीकर से मिलेंगे बागी सांसद?

इस राजनीतिक उठापटक के बीच यह चर्चा तेजी पर है कि 8 जून को तृणमूल कांग्रेस के नाराज सांसदों का एक बड़ा गुट लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकता है. राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या ठीक उसी दिन, जब टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी दिल्ली के दौरे पर होंगी, बागी सांसद ‘ऑपरेशन लुटियंस’ को अंजाम देकर पार्टी को एक और करारा झटका देंगे?

सांसदों की नाराजगी और सेलिब्रिटी चेहरों की तृणमूल कांग्रेस से बढ़ती दूरियां

काकोली घोष दस्तीदार के खुले विद्रोह के बाद, कई अन्य सांसदों की नाराजगी की खबरें भी लगातार छनकर बाहर आ रही हैं. सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने सांसद जगदीश बसुनिया को ममता बनर्जी की बैठक में शामिल न होने का कारण जानने के लिए फोन किया था. बसुनिया ने अपने बेटे की बीमारी का हवाला दिया, लेकिन उनसे अस्पताल के बेड की तस्वीर (सबूत) मांगी गई, जिससे वह बेहद अपमानित महसूस कर रहे हैं. इसके अलावा, सेलिब्रिटी सांसद जैसे देव, रचना, यूसुफ पठान और जून मालिया भी पार्टी से दूरी बना रहे हैं, जबकि सायनी घोष की स्थिति को लेकर अभी भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

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यूसुफ पठान का ममता का आदेश मानने से साफ इनकार और मध्यस्थता की चर्चाएं

पार्टी के भीतर एक और बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब ममता बनर्जी ने पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को बहरामपुर से दोबारा चुनाव लड़ने के लिए अपने वर्तमान सांसद पद से इस्तीफा देने को कहा. सूत्रों के मुताबिक, यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी के इस फरमान को मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. उनका तर्क है कि बहरामपुर की जनता ने उन्हें चुना है और उनके कार्यकाल को अभी सिर्फ दो साल ही हुए हैं. इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली द्वारा मध्यस्थता किए जाने की खबरें भी उड़ी थीं, हालांकि गांगुली ने बाद में इन दावों का पूरी तरह खंडन कर दिया है.

एंटी-डिफेक्शन लॉ से बचने की रणनीति और अभिषेक बनर्जी को हटाने का ब्लूप्रिंट

भले ही टीएमसी के भीतर असंतोष चरम पर है, लेकिन बागी सांसद जल्दबाजी में कोई भी कदम उठाने से बच रहे हैं. अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नाराज धड़ा तब तक औपचारिक बगावत की घोषणा नहीं करेगा, जब तक उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं हो जाता, ताकि वे दलबदल विरोधी कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) की जद में आने से सुरक्षित बच सकें. इस पूरे विद्रोह का मुख्य ब्लूप्रिंट लोकसभा स्पीकर को एक पत्र सौंपना है, जिसके जरिए अभिषेक बनर्जी को लोकसभा में पार्टी नेता के पद से बेदखल करने की तैयारी की जा रही है.

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Chandan Das

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