Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तैयारियों का दौर तेज़ हो चुका है। जहां एक ओर राजनीतिक पार्टियां प्रचार की रणनीतियों में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग (Election Commission) ने EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को लेकर कुछ बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों का मकसद है — मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुगम और भ्रमरहित बनाना।

अब EVM पर दिखेगी प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीर
चुनाव आयोग ने पहली बार EVM बैलेट यूनिट पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें लगाने का फैसला किया है। पहले तक EVM पर केवल काले-सफेद तस्वीरें या सिर्फ नाम व चुनाव चिन्ह होते थे, जिससे एक जैसे नाम वाले उम्मीदवारों के बीच भ्रम की स्थिति बनती थी। आयोग का मानना है कि रंगीन तस्वीरें मतदाताओं को अपने पसंदीदा उम्मीदवार को पहचानने में अधिक स्पष्टता और सहूलियत देंगी।

फॉन्ट और डिज़ाइन में बड़ा बदलाव
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने EVM बैलेट पेपर के डिज़ाइन में भी संशोधन किया है।अब: सभी उम्मीदवारों के नाम एक ही फॉन्ट और फॉन्ट साइज (30) में होंगे।उम्मीदवारों और NOTA (None of The Above) के नाम गाढ़े (बोल्ड) अक्षरों में छपे होंगे।यह बदलाव खासतौर से उन मतदाताओं के लिए मददगार होगा, जो दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझते हैं या कम पढ़े-लिखे हैं।
पेपर क्वालिटी और रंग में भी बदलाव
इस बार के विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल किए जाने वाले बैलेट पेपर का वजन 70 GSM तय किया गया है, जिससे वह ज्यादा टिकाऊ और स्पष्ट दिखाई दे। इसके साथ ही गुलाबी रंग के पेपर का उपयोग किया जाएगा, जो विधानसभा चुनावों के लिए विशेष रूप से तय किया गया है। इससे लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बैलेट पेपर में फर्क करना भी आसान होगा।
मतदाता जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा
EVM में किए गए इन सभी सुधारों का उद्देश्य मतदाता अनुभव को बेहतर बनाना है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन बदलावों से मतदाता न सिर्फ सहज रूप से अपने उम्मीदवार को पहचान सकेंगे, बल्कि वोटिंग प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
जल्द घोषित होंगी तारीखें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा अक्टूबर में कभी भी हो सकती है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, बदलावों को लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और EVM यूनिट्स को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है।
बिहार चुनाव 2025 कई मायनों में खास होने जा रहा है। EVM में रंगीन तस्वीर, बड़ा फॉन्ट, समान डिजाइन और बेहतर पेपर क्वालिटी जैसे बदलावों से यह चुनाव मतदाताओं के लिए पहले से कहीं ज्यादा यूज़र-फ्रेंडली और पारदर्शी होगा। यह पहल न सिर्फ बिहार बल्कि भविष्य के सभी चुनावों के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है।
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