Bihar election 2025 : बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अकेले चुनाव लड़ने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी की चुनाव तैयारियों को लेकर दो दिनों तक वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन सहित पार्टी की हर स्तर पर तैयारियों पर गहन चर्चा हुई। मायावती ने अपने भतीजे और बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक बने आकाश आनंद को बिहार चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है।

आकाश आनंद के साथ रामजी गौतम की महत्वपूर्ण भूमिका
मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी कि पार्टी के केंद्रीय कोऑर्डिनेटर एवं राज्यसभा सांसद रामजी गौतम भी बिहार चुनाव प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही, बीएसपी बिहार स्टेट यूनिट भी चुनावी तैयारियों में सक्रिय भागीदार रहेगी। आकाश आनंद को पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे जनसभा, यात्रा और प्रचार के लिए भी जिम्मेदारी दी गई है, जो मायावती के मार्गदर्शन में संपन्न होंगे।

तीन जोनों में बांटी गई विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बिहार की सभी विधानसभा सीटों को तीन जोनों में बांटा जाएगा, ताकि राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हालात के अनुसार चुनावी रणनीति बनाई जा सके। पार्टी के वरिष्ठ नेता इन तीन जोनों की अलग-अलग जिम्मेदारी संभालेंगे, जिससे बीएसपी की तैयारी और प्रभावी हो सके। इस रणनीति का उद्देश्य बिहार में पार्टी की स्थिति मजबूत करना और बेहतर परिणाम हासिल करना है।
अन्य राज्यों की तैयारी की भी हुई समीक्षा
मायावती ने यह भी बताया कि इस बैठक से पहले उन्होंने उड़ीसा और तेलंगाना में भी पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की है। दोनों राज्यों में बीएसपी ने यूपी के मॉडल के तहत जिला से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों का गठन किया है और जनाधार बढ़ाने के मिशनरी कार्यों को गति दी जा रही है। पार्टी प्रमुख ने इन राज्यों में भी संगठनात्मक मजबूती के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
मायावती का स्पष्ट संदेश
मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को कड़ी मेहनत और पूरी निष्ठा के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी पूरी ताकत से बिहार में जनता के बीच जाएगी और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखेगी। पार्टी प्रमुख का यह भी मानना है कि अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से पार्टी को अपनी जड़ों को मजबूत करने और नए सिरे से जनता से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बीएसपी के लिए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 बेहद महत्वपूर्ण है और मायावती का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला इस बात का संकेत है कि पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। आकाश आनंद के नेतृत्व में पार्टी की तैयारियां तेज होंगी और बिहार की राजनीति में बीएसपी की सक्रिय भूमिका देखने को मिलेगी।










