Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही खेमों में सीट बंटवारे को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है। इस बीच एनडीए घटक दल ‘हम’ (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर अपनी पार्टी की स्थिति को “करो या मरो” बताया है।

‘हम’ को चाहिए ज्यादा सीटें, तभी बनेगी मान्यता प्राप्त पार्टी
मांझी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अभी निबंधित पार्टी है, लेकिन यदि इस बार उन्हें एनडीए से पर्याप्त सीटें मिलती हैं और 7-8 विधायक जीतकर आते हैं, तो ‘हम’ को मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा मिल जाएगा। मांझी के अनुसार, यह उनकी पार्टी के राजनीतिक अस्तित्व के लिए बेहद जरूरी है।
पहले दिया था 100 सीटों पर लड़ने का बयान
हाल ही में मांझी ने कथित तौर पर बयान दिया था कि यदि एनडीए से 15 सीटें नहीं मिलीं, तो उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, रविवार को उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “हमने अभी तक ऐसा कोई लक्ष्य तय नहीं किया है, लेकिन यह सच है कि हमारे लिए करो या मरो की स्थिति है। हम एनडीए से अनुरोध करेंगे कि हमें पर्याप्त सीटें आवंटित की जाएं।”
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना
बयानबाज़ी के दौरान मांझी ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान तेजस्वी ने कहा था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, इसीलिए उन्हें लगा कि राहुल भी ऐसा करेंगे। लेकिन जब राहुल गांधी ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं किया, तो तेजस्वी ने 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की बात कही।
‘हम’ पार्टी की रणनीति पर मंथन जारी
मांझी ने यह भी बताया कि वे इस मुद्दे पर एनडीए नेताओं से बात करेंगे और आग्रह करेंगे कि ‘हम’ को उतनी सीटें दी जाएं, जिससे पार्टी मजबूत होकर उभरे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री काल में हमने जो काम किए, उन्हें अब प्रभावी तरीके से जनता और संसद में पेश नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि हम निबंधित पार्टी हैं। अगर हमें मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा मिल जाता है, तो हमारी बातों को मजबूती मिलेगी।”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर उठती आवाजें आने वाले दिनों में गठबंधन की रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं। जीतनराम मांझी का “करो या मरो” वाला बयान न सिर्फ ‘हम’ पार्टी की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि एनडीए के अंदर सीट शेयरिंग पर एक बार फिर बहस को हवा देता है।


















