Bihar politics 2025: बिहार में आगामी चुनावी माहौल के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि 20 वर्षों से बिहार में और 11 वर्षों से केंद्र में शासन में रहने के बावजूद नीतीश-मोदी की सरकार ने राज्य को बेरोजगारी, पलायन और गरीबी का मुख्य केंद्र बना दिया है।

तेजस्वी यादव ने कहा “यह मैं नहीं, बल्कि हर साल भारत सरकार की नीति आयोग की रिपोर्ट कह रही है। टेक्नोलॉजी, उदारीकरण और एआई के इस दौर में भी बिहार की प्रति व्यक्ति आय अफ्रीकी देश युगांडा और रवांडा से भी कम है।”

ये हैं बिहार के युवाओं के 12 सवाल:
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग: बिहार केला, मखाना, चावल, आम, लीची, आलू आदि का उत्पादन करता है, तो 20 वर्षों में इनसे संबंधित उद्योग क्यों नहीं लगाए गए?
आईटी सेक्टर: बिहार में अब तक कोई बड़ा आईटी हब या SEZ क्यों नहीं बन पाया?
मत्स्य उद्योग: संसाधन होने के बावजूद, बिहार आज भी दूसरे राज्यों से मछली क्यों मंगाता है?
डेयरी उद्योग: दूध, घी, पनीर जैसे उत्पादों के लिए उद्योग क्यों नहीं लगाए गए?
इंडस्ट्री क्लस्टर: राज्य में उद्योग-विशिष्ट क्लस्टर क्यों नहीं विकसित किए गए?
बुनकर और हथकरघा उद्योग: इन पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 20 वर्षों में क्या किया गया?
पर्यटन: पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद, बिहार को एक प्रमुख पर्यटन स्थल क्यों नहीं बनाया गया?
भर्ती प्रक्रिया: नियुक्ति और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी व नियमित क्यों नहीं बनाया गया?
पलायन: 20 वर्षों में बिहार से कितने लोगों ने पलायन किया और यह दर क्यों बढ़ रही है?
पुराने उद्योग: कितनी चीनी मिलें, जूट मिलें और अन्य उद्योग बंद हुए? इससे रोजगार और राजस्व में कितनी हानि हुई?
शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च: कितने लाख करोड़ रुपये शिक्षा और चिकित्सा के लिए बिहार से बाहर गए?
मानव संसाधन की स्थिति: बिहार के कितने प्रतिशत युवा राज्य में कार्यरत हैं और कितने बाहर?
“जवाब नहीं मिला तो चुनाव में मिलेगा करारा जवाब”
तेजस्वी यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इन 8 करोड़ युवाओं के सवालों से मुंह नहीं चुराना चाहिए। अगर जवाब नहीं दिया गया, तो आगामी चुनाव में जनता करारा जवाब देगी।”
बिहार की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर युवा, रोजगार और विकास को केंद्र में लाने की कोशिश है। तेजस्वी यादव के इन 12 सवालों ने चुनावी बहस को नई दिशा दी है। अब देखना यह है कि नीतीश कुमार और भाजपा इन सवालों पर क्या जवाब देती है।
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