Bijapur Illegal Sand Mining : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नैमेड क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत उत्खनन का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने क्षेत्र में रेत माफियाओं के बढ़ते हौसलों की पोल खोल दी है। मिनगाछल नदी के तट पर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भारी मशीनों के जरिए रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और खनिज विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा और मौके से भारी मात्रा में रेत निकालने वाली मशीनों व वाहनों को जब्त कर लिया। इस त्वरित कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त छापेमारी में मशीनें हुईं जब्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नदी से रेत निकालने के लिए माफियाओं ने चैन माउंटिंग मशीन, पोकलेन और जेसीबी जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया था। रात के सन्नाटे में ये मशीनें लगातार नदी से रेत निकालकर डंपिंग स्थलों तक पहुँचा रही थीं। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी की सक्रियता के साथ पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारियों ने मौके पर धावा बोला। कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन, एक जेसीबी और चार रेत से लदे वाहनों को जब्त किया गया है। वर्तमान में प्रशासन जब्त उपकरणों के मालिकों की पहचान करने में जुटा है ताकि मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।

सरकारी आदेशों की धज्जियां: प्रतिबंध के बावजूद जारी था खनन कार्य
यह पूरा मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और पारिस्थितिक तंत्र (इकोसिस्टम) की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह नियम लागू किया गया है। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर भारी मशीनों का उपयोग करना सीधे तौर पर सरकारी निर्देशों की अवहेलना है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खनिज विभाग की ढुलमुल निगरानी व्यवस्था के चलते माफियाओं को नियम तोड़ने का साहस मिल रहा है।
प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
बीजापुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। पूर्व में भी कई बार प्रशासन से इस संबंध में शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में यह गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश के दौरान जब खनन पर पूरी तरह रोक होती है, तब भी मशीनों का उपयोग होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। क्या खनिज विभाग की निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं मिलीभगत है, यह जांच का विषय बना हुआ है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद
फिलहाल, पुलिस और खनिज विभाग की टीम इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त मशीनों और वाहनों के मालिकों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीजापुर की जनता उम्मीद कर रही है कि यह कार्रवाई केवल मशीनों की जब्ती तक सीमित न रहकर, इसके पीछे छिपे प्रभावशाली लोगों और माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने तक जारी रहेगी। इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और संरक्षण के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी पर चर्चा छेड़ दी है।
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