Bilaspur Power Outage
Bilaspur Power Outage : छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में कुदरत के कहर और प्रशासनिक सुस्ती ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार देर शाम आए भीषण तूफान के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शहर का एक बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। 91 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रचंड रफ्तार से चली आंधी ने शहर की बिजली व्यवस्था की कमर तोड़ दी है, जिसका सीधा असर अब जलापूर्ति पर भी पड़ रहा है। बुधवार को भीषण गर्मी के बीच लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते नजर आए, जिससे जनता का धैर्य जवाब दे गया और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
मंगलवार की शाम बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए विनाशकारी साबित हुई। अचानक बदले मौसम के मिजाज और 91 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं ने भारी तबाही मचाई। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक में विशालकाय पेड़ उखड़कर गिर गए। तेज हवा के कारण चौक-चौराहों पर लगे विशाल होर्डिंग्स और फ्लैक्स उड़कर बिजली के तारों पर जा फंसे। कई इलाकों में पेड़ गिरने से बिजली के खंभे पूरी तरह टूट गए, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक ‘ब्लैकआउट’ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। नगर निगम का अमला रात भर जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने में जुटा रहा, लेकिन नुकसान इतना व्यापक था कि अगले दिन शाम तक भी स्थितियां सामान्य नहीं हो सकीं।
बिजली गुल होने का सबसे गंभीर असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। बुधवार सुबह जब लोगों के घरों के नलों में पानी नहीं आया, तब संकट की भयावहता समझ में आई। शहर की अधिकांश कॉलोनियों और मोहल्लों में बिजली बंद होने के कारण पंप नहीं चल सके, जिससे पानी की सप्लाई ठप रही। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच लोग पूरे दिन बिजली आने का इंतजार करते रहे। पीने के पानी से लेकर दैनिक कार्यों के लिए जल उपलब्ध न होने के कारण गृहणियों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बिजली के बुनियादी ढांचे की मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक सुचारू जलापूर्ति संभव नहीं है।
इस आपदा ने बिजली विभाग के उन दावों की भी पोल खोल दी है, जिसमें मेंटेनेंस के नाम पर गर्मी की शुरुआत में घंटों बिजली कटौती की गई थी। आंधी-तूफान आते ही विभाग की व्यवस्थाएं ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। सरकंडा, तालापारा, मंगला और सिरगिट्टी जैसे रिहायशी इलाकों में स्थिति बेहद खराब रही। हद तो तब हो गई जब कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहां अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना पंखे, एसी और कूलर के अंधेरे में ही शासकीय कार्य निपटाने पड़े। लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश था कि संकट के समय बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने उनके फोन उठाना तक बंद कर दिया था।
बुधवार की रात होते-होते लोगों के सब्र का बांध टूट गया। जब कई मोहल्लों में 24 घंटे बाद भी बिजली और पानी का इंतजाम नहीं हुआ, तो सरकंडा के चिंगराजपारा के निवासी बाल्टी और खाली बर्तन लेकर सड़कों पर उतर आए। नाराज लोगों ने शनिचरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया और बिजली विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के कारण शहर के यातायात पर बुरा असर पड़ा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता कराने के आश्वासन के बाद ही देर रात चक्काजाम समाप्त हुआ।
फिलहाल, बिजली विभाग की कई टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। टूटे हुए पोल बदलने और तारों पर गिरे पेड़ों की छंटाई का काम जारी है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन सघन बस्तियों में बिजली पहुंचाना है, जहां गलियां संकरी होने के कारण भारी मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिलासपुर की जनता अब केवल यही उम्मीद कर रही है कि जल्द से जल्द बिजली और पानी की बुनियादी सुविधाएं बहाल हों ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
Read More : Surguja Water Crisis Solution : सरगुजा के वनांचल में खत्म होगा जल संकट, 113 नए हैंडपंपों की सौगात
Kerala new CM : केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने दक्षिण भारत में कांग्रेस…
Amul milk price hike : देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी 'अमूल' (Amul) ने आम…
Philippines Senate shooting : फिलीपींस की राजधानी मनीला से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने…
Ambikapur News : सरगुजा जिले के उदयपुर जनपद क्षेत्र में बुधवार शाम मौसम ने अचानक…
NEET UG 2026 Paper Leak : देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026…
Prateek Yadav death : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे…
This website uses cookies.