Bilaspur Violence : बिलासपुर शहर में बीती रात एक मामूली निजी विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते विवाद ने गुटीय संघर्ष का रूप ले लिया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर पथराव हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
देर रात मौके पर पहुंचे एसएसपी और कलेक्टर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए। एसएसपी रजनीश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की तत्परता के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश तेज कर दी गई।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू
बवाल के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत क्षेत्र में भीड़ जुटाने और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ, आपत्तिजनक या विवादित पोस्ट के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अफवाह फैलाने वाले संदेशों और पोस्ट की भी निगरानी कर रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि किसी खबर या वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
दो लोगों का विवाद गुटबाजी में बदला
संभागायुक्त सुनील जैन ने बताया कि शुरुआती तौर पर मामला दो लोगों के व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा था, लेकिन बाद में इसे गुटबाजी का रूप दे दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और घटना के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और दुकानें तथा बाजार शांतिपूर्वक खुले हैं। उपद्रव में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पथराव में पुलिसकर्मी भी घायल
हिंसक झड़प और पथराव की घटना में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। वहीं, दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों के भी घायल होने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
पूरी रात पुलिस ने किया फ्लैगमार्च
आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में दो गुटों के बीच लड़ाई और पत्थरबाजी हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी रात प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैगमार्च किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का इलाज जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
सीसीटीवी और ड्रोन से आरोपियों की पहचान
घटना के पीछे शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस की टीमें इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। इसके अलावा ड्रोन और अन्य तकनीकी माध्यमों से भी संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ सबूत जुटा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
दोनों पक्षों पर एफआईआर की तैयारी
पुलिस के मुताबिक मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है।
बिलासपुरवासियों से शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बिलासपुर के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ जानकारी को आगे साझा करने से बचें। पुलिस ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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