Shuddhikaran Row : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एआईसीसी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े मंच शुद्धिकरण के मामले पर केंद्र और उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा के बाद कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण कराया गया। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
खड़गे के सम्मान और योगदान का किया जिक्र
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना पूरा जीवन देश, लोकतंत्र और संविधान की सेवा में समर्पित किया है। उनके मुताबिक खड़गे जब हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित कर लौटे, तो 10 अगस्त को भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा उस स्थान का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ कराया गया। राहुल गांधी ने इसी घटना को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
‘शुद्धिकरण’ को राहुल ने बताया अस्पृश्यता
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थान का इस तरह कथित शुद्धिकरण कराया जाना महज एक राजनीतिक विवाद नहीं है। उन्होंने इसे छुआछूत और अस्पृश्यता की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई समाज में यह संदेश देने का प्रयास करती है कि किसी दलित व्यक्ति का स्पर्श या वहां मौजूद होना अशुद्ध है।
संविधान में अस्पृश्यता पूरी तरह गैरकानूनी
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारतीय संविधान अस्पृश्यता को पूरी तरह समाप्त करता है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने दावा किया कि कथित शुद्धिकरण की घटना कानून के तहत गंभीर मामला बन सकती है। उन्होंने SC-ST Act का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
संसद में खड़गे ने व्यक्त किया अपना दर्द
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए अपना दर्द व्यक्त किया था। उन्होंने खड़गे के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे किसी के सामने झुकने या गिड़गिड़ाने वाले व्यक्ति नहीं हैं और उनमें संघर्ष करने की पूरी क्षमता है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है।
भाजपा नेताओं पर लगाया गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद भाजपा के कुछ नेता कथित ‘शुद्धिकरण’ की कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में खुले तौर पर छुआछूत जैसी प्रथा का समर्थन करना संविधान की भावना के खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में समानता और सम्मान के अधिकार को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री और उत्तराखंड सरकार से हस्तक्षेप की मांग
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और राज्य सरकार को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि कथित गैरकानूनी शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ SC-ST Act के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
दोषियों को सजा दिलाने की कांग्रेस की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि मामले में सिर्फ एफआईआर दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं होना चाहिए, बल्कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों को कानून के मुताबिक कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं और किसी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं है।
संविधान की रक्षा को बताया कांग्रेस की लड़ाई
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी एक व्यक्ति या किसी विशेष संगठन के खिलाफ व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। उनके मुताबिक यह संघर्ष संविधान की रक्षा और उन विचारों के खिलाफ है, जो समाज में भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और देश के प्रत्येक दलित नागरिक को न्याय दिलाना पार्टी का संवैधानिक दायित्व है।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और न्याय की मांग से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दोहराया कि संविधान में दिए गए समानता और सम्मान के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि खड़गे को न्याय दिलाने और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने की लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।
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