BJP MLA Raju Singh : दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए चार साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 31 दिसंबर, 2018 की उस दुखद रात से जुड़ा है, जब दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता नामक महिला की गोली लगने से मौत हो गई थी। कोर्ट ने विधायक पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है और आदेश दिया है कि यह पूरी राशि पीड़िता के पति को मुआवजे के रूप में दी जाए। यदि दोषी इस जुर्माने का भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

आर्म्स एक्ट के तहत भी सजा और जुर्माने का प्रावधान
न्यायाधीश ने मुख्य मामले के अतिरिक्त आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत भी भाजपा विधायक को दोषी पाया और इस अपराध के लिए उन्हें दो महीने की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि कानून सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के दुरुपयोग और लापरवाही के प्रति शून्य सहिष्णुता (zero tolerance) रखता है। हर्षा फायरिंग की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बनी, बल्कि कानून व्यवस्था की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े किए थे।

विधायक की प्रोबेशन पर रिहाई की दलीलें
फैसले के दौरान, विधायक के बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट से उनके मुवक्किल के लिए अच्छे आचरण के आधार पर प्रोबेशन पर रिहाई का अनुरोध किया। विधायक के वकील ने दलील दी कि राजू कुमार सिंह छह बार के विधायक रहे हैं और उनका पिछला रिकॉर्ड बेदाग रहा है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने किसी भी गवाह को प्रभावित करने या धमकाने का प्रयास नहीं किया और उनके परिवार में आश्रित बुजुर्ग माता-पिता भी हैं। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि कोर्ट विधायक के राजनीतिक भविष्य और उनके सामाजिक योगदान को देखते हुए सजा को दो साल से कम कर सकता है। खुद राजू सिंह ने भी कोर्ट से दया की अपील करते हुए कहा कि वे एक सामाजिक व्यक्ति हैं और मृतक महिला को वे ‘भाभी’ कहकर संबोधित करते थे, इसलिए यह घटना पूरी तरह से अनपेक्षित थी।
क्या थी 31 दिसंबर, 2018 की वह दुखद घटना?
यह दर्दनाक वाकया 31 दिसंबर 2018 को साउथ दिल्ली के एक फार्महाउस में नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित पार्टी के दौरान हुआ था। पार्टी का आयोजन राजू सिंह के भाई द्वारा किया गया था, जिसमें डॉ. अर्चना गुप्ता भी शामिल हुई थीं। जश्न के दौरान, विधायक ने हवा में गोली चलाई, जो दुर्भाग्यवश डॉ. अर्चना को लग गई। शिकायतकर्ता विकास गुप्ता, जो कि पीड़िता के पति हैं, की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। वर्षों तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया है, जो कानून की नजर में सत्ता या रसूख की परवाह किए बिना न्याय सुनिश्चित करने का एक उदाहरण है।
Read More : Middle East Conflict : ईरान का ब्रिटेन-फ्रांस पर हमला, होर्मुज सुरक्षा को लेकर दिया बड़ा बयान











