Boiled Egg vs Raw Egg : अंडा प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसी वजह से इसे अक्सर संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। लोग अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार अंडे को उबालकर, ऑमलेट बनाकर या अन्य तरीकों से खाते हैं। हालांकि, कुछ लोग अधिक पोषण मिलने की उम्मीद में अंडा कच्चा खाना पसंद करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कच्चा अंडा वास्तव में ज्यादा पौष्टिक है या पकाकर खाना बेहतर विकल्प है।
कच्चे और उबले अंडे में प्रोटीन का अंतर
डॉक्टर शुभम वत्स के अनुसार, अंडे में मौजूद प्रोटीन का शरीर द्वारा इस्तेमाल किया जाना उसे किस तरह खाया गया है, इससे प्रभावित हो सकता है। उनके मुताबिक कच्चे अंडे के प्रोटीन को शरीर लगभग 50 प्रतिशत तक ही पचा और अवशोषित कर पाता है। वहीं, अंडे को पकाने के बाद प्रोटीन की पाचन और अवशोषण क्षमता लगभग 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यानी पकाने से प्रोटीन खत्म नहीं होता, बल्कि शरीर के लिए उसका उपयोग आसान हो जाता है।
पकाने से प्रोटीन की उपलब्धता बढ़ती है
अंडे को पकाने की प्रक्रिया उसके प्रोटीन की संरचना में बदलाव करती है, जिससे शरीर के लिए उसे पचाना और अवशोषित करना आसान हो जाता है। इसलिए अधिक प्रोटीन हासिल करने के उद्देश्य से कच्चा अंडा खाना जरूरी नहीं है। विशेषज्ञ की राय के मुताबिक पकाया हुआ अंडा शरीर को प्रोटीन उपलब्ध कराने के मामले में बेहतर विकल्प हो सकता है।
कच्चा अंडा खाने से संक्रमण का खतरा
कच्चे अंडे का सेवन करने में सबसे बड़ी चिंता खाद्य संक्रमण की होती है। इसमें साल्मोनेला बैक्टीरिया मौजूद होने का जोखिम हो सकता है। इस तरह के संक्रमण से डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है। इसलिए कच्चे अंडे के सेवन में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी माना जाता है।
अंडा अच्छी तरह पकाकर खाना क्यों बेहतर
अंडे को अच्छी तरह पकाने से उसमें मौजूद संभावित हानिकारक बैक्टीरिया का जोखिम कम करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा के लिहाज से भी पकाया हुआ अंडा कच्चे अंडे की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को कच्चे अंडे के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।
आंखों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है पका अंडा
पकाए हुए अंडे में ल्यूटिन और जियाजैंथिन जैसे पोषक तत्व मिलते हैं, जिन्हें आंखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अंडे की जर्दी में मौजूद प्राकृतिक वसा इन पोषक तत्वों के शरीर में अवशोषण में मदद कर सकती है। ये तत्व आंखों को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने और उम्र बढ़ने के साथ दृष्टि संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं।
जर्दी में मौजूद पोषक तत्वों का महत्व
अंडे की जर्दी में प्रोटीन के अलावा कई विटामिन, खनिज और प्राकृतिक वसा मौजूद होते हैं। संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है। इसलिए केवल सफेद हिस्सा खाने के बजाय व्यक्ति अपनी डाइट और स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार पूरा अंडा भी खा सकता है। हालांकि, किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
उबला अंडा या ऑमलेट, क्या चुनें
डॉक्टर शुभम वत्स के अनुसार कच्चे अंडे के बजाय उसे पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद विकल्प हो सकता है। लोग अपनी पसंद के अनुसार उबला अंडा, ऑमलेट या स्क्रैम्बल्ड एग का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, अंडे को पकाने के तरीके में अत्यधिक तेल, मक्खन या नमक का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है, खासकर यदि कोई व्यक्ति कैलोरी या वसा का सेवन नियंत्रित कर रहा हो।
पोषण और सुरक्षा दोनों के लिए पका अंडा बेहतर
कच्चे और पकाए हुए अंडे की तुलना करें तो प्रोटीन के अवशोषण, पाचन और खाद्य सुरक्षा के लिहाज से पकाया हुआ अंडा अधिक बेहतर विकल्प नजर आता है। कच्चा अंडा खाने से अतिरिक्त पोषण मिलने की धारणा सही नहीं मानी जाती। बल्कि सही तरीके से पकाया गया अंडा शरीर को अधिक आसानी से उपलब्ध पोषक तत्व दे सकता है और संक्रमण का जोखिम भी घटा सकता है।
अंडा खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अंडे को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। उसे साफ-सुथरे तरीके से स्टोर करें और खाने से पहले अच्छी तरह पकाएं। कच्चे या अधपके अंडे से जुड़े संक्रमण के जोखिम को देखते हुए सुरक्षित तरीके से सेवन करना जरूरी है। कुल मिलाकर, यदि उद्देश्य प्रोटीन, पोषण और बेहतर पाचन के साथ अंडे का लाभ लेना है, तो विशेषज्ञ की बताई सलाह के अनुसार पकाकर अंडा खाना ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी विकल्प हो सकता है।
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Health Note: कच्चे अंडे में साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया का जोखिम हो सकता है। अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाना आम तौर पर ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।