Bombay High Court ने रिश्वत और कदाचार के आरोप में दो जजों को बर्खास्त किया

Bombay High Court ने शुक्रवार को निचली अदालत के दो जजों को कदाचार और न्यायिक आचरण के खिलाफ नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। सतारा के एडीशनल सेशन जज धनंजय निकम और पालघर के सिविल जज सीनियर डिवीजन इरफान शेख की बर्खास्तगी अनुशासन समिति की जांच के बाद हुई। धनंजय निकम पर रिश्वतखोरी का आरोप है, जबकि इरफान शेख पर भ्रष्टाचार के साथ ही जांच में जब्त ड्रग्स के अनुचित उपयोग का आरोप लगा है।

ads

रिश्वतखोरी के आरोप में धनंजय निकम बर्खास्त

धनंजय निकम पर एसीबी ने 5 लाख रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया था। यह मामला एक महिला के पिता की हिरासत से जुड़ा हुआ था। महिला को निचली अदालत से जमानत नहीं मिली थी, जिसके बाद उसने सतारा सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए जज निकम ने महिला से अनुकूल आदेश के बदले 5 लाख रुपए की मांग की।

Adst

रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने मुंबई के किशोर संभाजी खरात और सतारा के आनंद मोहन खरात के साथ-साथ एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान 3 से 9 दिसंबर 2024 के बीच हुई पूछताछ में रिश्वत की पुष्टि हुई।

धनंजय निकम ने इस मामले में अपनी निर्दोषता का दावा करते हुए जनवरी में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन मार्च में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।

इरफान शेख पर भ्रष्टाचार और ड्रग्स के गलत इस्तेमाल का आरोप

पालघर के सिविल जज सीनियर डिवीजन इरफान शेख पर NDPS एक्ट के तहत सुनवाई करते समय भ्रष्टाचार करने और जांच में जब्त ड्रग्स के इस्तेमाल का आरोप लगा है। इरफान शेख के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका भी लंबित है। जांच के दौरान उनके खिलाफ मिले सबूतों को गंभीरता से लिया गया और अनुशासन समिति ने उन्हें भी बर्खास्त करने का निर्णय लिया।

न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही की पहल

बॉम्बे हाईकोर्ट का यह फैसला न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक अधिकारियों को कदाचार और भ्रष्टाचार के मामलों में बख्शा नहीं जाएगा। इस कदम से न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

भविष्य में कड़ाई बरतने का संकेत

इस फैसले से यह संदेश भी जाता है कि भविष्य में किसी भी न्यायिक अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन या भ्रष्टाचार पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसीबी और न्यायिक अनुशासन समिति की भूमिका भी और अधिक सक्रिय हो सकती है। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सतारा के धनंजय निकम और पालघर के इरफान शेख को बर्खास्त करना न्यायपालिका में स्वच्छता और ईमानदारी बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल भ्रष्टाचारियों को चेतावनी मिलेगी, बल्कि आम जनता का न्याय व्यवस्था में विश्वास भी बढ़ेगा।’

Read More: Gaza War Update: गाजा युद्ध पर ट्रंप की शांति योजना का असर: हमास तैयार, इजरायल पर दबाव में नेतन्याहू

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.