Brazilian school shooting: ब्राजील के उत्तर-पूर्वी राज्य सेअरा (Ceará) के सोब्राल शहर में गुरुवार को दिनदहाड़े एक स्कूल में हुई गोलीबारी ने सभी को दहला दिया। इस शूटआउट में दो किशोर छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में ड्रग्स कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

पार्किंग एरिया बना हमले का निशाना
पुलिस के अनुसार, यह हमला स्कूल के पार्किंग क्षेत्र में उस समय हुआ जब छात्र स्कूल से निकल रहे थे। बाइक सवार हमलावरों ने स्कूल परिसर के बाहर से फायरिंग शुरू कर दी। करीब 3-4 मिनट तक चली इस अंधाधुंध फायरिंग में 5 लोग घायल हुए, जिनमें से दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक की उम्र 16 साल बताई जा रही है।

घटना के तुरंत बाद तीन घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हमलावर घटना के बाद मौके से फरार हो गए और पुलिस को अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं मिल सकी है।
ड्रग्स कनेक्शन की जांच
पुलिस को मौके से इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन और पैकिंग सामग्री मिली है, जो आमतौर पर ड्रग डीलिंग में इस्तेमाल की जाती हैं। इससे शक गहरा गया है कि यह हमला किसी ड्रग्स से जुड़े विवाद का नतीजा हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
राज्यपाल ने जताया शोक और नाराजगी
सेअरा राज्य के राज्यपाल एलमैनो डे फ्रीटास ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं जताते हुए कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।“हम अपने स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे,” – एलमैनो डे फ्रीटास, राज्यपाल।
राज्यपाल ने पुलिस और जांच एजेंसियों को मामले की गंभीरता से जांच करने का आदेश दिया है और स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।
ब्राजील में स्कूल पर हुआ यह हमला ना सिर्फ वहां की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि यह युवाओं में फैलते ड्रग्स नेटवर्क की भयावहता को भी उजागर करता है। प्रशासन की प्राथमिकता अब हमलावरों की गिरफ्तारी और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान भी अब अपराधियों के निशाने पर हैं।










