False robbery claim : राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र में बीते सोमवार 11 अगस्त को कारोबारी चिराग जैन (27) द्वारा दर्ज कराई गई 15 लाख की लूट की कहानी झूठी निकली है। रायपुर पुलिस की सख्त पूछताछ और टेक्निकल जांच के बाद पता चला कि चिराग ने खुद ही फर्जी लूट की साजिश रची थी। एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया।

MCX में पैसे गंवाए, देनदारों से बचने की थी साजिश
पुलिस की पूछताछ में चिराग जैन ने कबूल किया कि उसने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में बड़ी रकम गंवा दी थी। लगातार बढ़ते कर्ज और देनदारों के दबाव से परेशान होकर उसने झूठी लूट की कहानी गढ़ी ताकि कर्जदाताओं को गुमराह कर सके।

चिराग ने दावा किया था कि वह कांपा से 15 लाख रुपए लेकर दुकान जा रहा था, तभी मंडी गेट के पास बाइक सवार तीन नकाबपोश लुटेरों ने उसकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया और जबरदस्ती पैसे और दो अंगूठी छीनकर फरार हो गए।
CCTV फुटेज से हुआ खुलासा, एक भी संदिग्ध नजर नहीं आया
पंडरी पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने मंडी गेट से लेकर वालफोर्ट सिटी तक 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच की, लेकिन चिराग के बताए हुलिए के अनुसार कोई संदिग्ध व्यक्ति या घटना कैमरे में नहीं दिखी।
इसके बाद चिराग की बैंक डिटेल्स खंगाली गईं, जिसमें किसी तरह का बड़ा कैश ट्रांजैक्शन नहीं मिला। शक गहराने पर पुलिस ने कारोबारी से दोबारा सख्ती से पूछताछ की, तो उसने झूठी कहानी गढ़ने की बात स्वीकार कर ली।
बरामद हुआ नकद पैसा, अब दर्ज होगा केस
चिराग की निशानदेही पर पुलिस ने कथित लूट की रकम भी बरामद कर ली है, जिसे उसने छिपाकर रखा था। एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि झूठी रिपोर्ट दर्ज करने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में चिराग जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी, मिल सकती है सजा
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 182 और 211 के तहत पुलिस को झूठी जानकारी देना और फर्जी केस दर्ज करवाना दंडनीय अपराध है। यदि आरोप सिद्ध होता है, तो चिराग को जेल और जुर्माने दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि झूठी शिकायतें दर्ज कराने वाले लोगों को सबक मिले और कानून का दुरुपयोग न हो।
रायपुर में कारोबारी चिराग जैन की झूठी लूट की कहानी से यह साफ होता है कि आर्थिक नुकसान के दबाव में कुछ लोग कानून का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। रायपुर पुलिस की सतर्कता और जांच की पारदर्शिता ने एक और फर्जी केस को समय रहते उजागर कर दिया। अब देखना होगा कि न्याय प्रक्रिया चिराग को कितनी सख्त सजा देती है।
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