MY hospital rat incident : मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की कथित तौर पर चूहों के काटने से मौत ने देशभर में सनसनी फैला दी है। यह मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ चुका है, क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे “हत्या” करार देते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।

चूहों के काटने से दो बच्चों की मौत: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इंदौर के एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू (नवजात गहन देखभाल इकाई) में दो नवजातों की मौत की खबर सामने आने के बाद अस्पताल की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अस्पताल परिसर में चूहों की मौजूदगी साफ देखी जा सकती है। दावा किया जा रहा है कि चूहों के काटने से ये मासूम अपनी जान गंवा बैठे।

हालांकि, जिला कलेक्टर आशीष सिंह और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि बच्चों की मौत अन्य चिकित्सकीय कारणों से हुई है, न कि चूहे के काटने से। प्रशासन ने जांच की बात कही है, लेकिन विरोधियों ने इसे “छुपाने की कोशिश” बताया है।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखे शब्दों में सरकार की आलोचना करते हुए लिखा: “इंदौर में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की चूहों के काटने से मौत। यह कोई दुर्घटना नहीं, यह सीधी-सीधी हत्या है।” उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद भयावह और अमानवीय है, जो यह दर्शाती है कि सरकार अपनी बुनियादी जिम्मेदारी तक नहीं निभा पा रही।
हेल्थकेयर सिस्टम पर सवाल
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं को जानबूझकर प्राइवेट हाथों में सौंपा जा रहा है, जिससे गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल अब “जीवनदायी नहीं, बल्कि मौत के अड्डे” बन चुके हैं। उन्होंने पूछा:“जब आप नवजात बच्चों की सुरक्षा तक नहीं कर सकते, तो सरकार चलाने का क्या हक है?”
पीएम मोदी और सीएम पर राहुल का निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी सीधा हमला बोलते हुए कहा कि:“आपकी सरकार ने देश के करोड़ों गरीबों से स्वास्थ्य का अधिकार छीन लिया है और अब मां की गोद से बच्चे तक छीनने लगी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और यह लड़ाई हर गरीब, हर परिवार और हर बच्चे के हक के लिए लड़ी जाएगी।
प्रशासन का बचाव और सच्चाई की तलाश
हालांकि प्रशासन की तरफ से मामले को लेकर सफाई दी जा रही है, लेकिन जनता और राजनीतिक दलों में विश्वास की कमी साफ नजर आ रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, अस्पतालों में साफ-सफाई की स्थिति और जवाबदेही की कमी एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है।
इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई नवजातों की मौत की यह घटना केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि जन विश्वास और सरकारी जवाबदेही का गंभीर मामला है। इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में घमासान मच चुका है और अब देश देख रहा है कि सरकार इस अमानवीय घटना पर क्या ठोस कार्रवाई करती है।
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