Biranpur murder case: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के बिरनपुर हत्याकांड मामले में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है, जिसने प्रदेश की सियासी सियासत में हलचल मचा दी है। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह हत्या दो गुटों के बीच हुए स्थानीय विवाद का परिणाम है और इसमें किसी भी राजनीतिक साजिश या साम्प्रदायिक षड्यंत्र का कोई तत्त्व नहीं पाया गया। सीबीआई के इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

बिरनपुर हत्याकांड की पूरी कहानी
यह घटना 8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में दो गुटों के बीच झगड़े के दौरान हुई थी। इसी झगड़े में भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या ने क्षेत्र में तनाव फैला दिया और मामला जल्द ही राजनीतिक और साम्प्रदायिक रंग ले गया। इस बीच गांव में आगजनी और फिर 10 अप्रैल को मुस्लिम समुदाय के दो लोगों के शव खेतों में मिले, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। तनाव इतना बढ़ गया कि इलाके में धारा 144 लागू करनी पड़ी और लगभग दो सप्ताह तक कर्फ्यू रहा। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और चुनावी पृष्ठभूमि
बीजेपी ने इस घटना को तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था। बीजेपी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को विधानसभा चुनाव के दौरान जोर-शोर से उठाया। मृतक भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को बीजेपी ने साजा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता और तत्कालीन मंत्री रवीन्द्र चौबे को हराकर जीत हासिल की।
बीजेपी विधायक के आरोपों पर सीबीआई की प्रतिक्रिया
भुनेश्वर साहू के पिता और वर्तमान में बीजेपी विधायक ईश्वर साहू ने आरोप लगाया था कि इस हत्याकांड में स्थानीय कांग्रेसी नेता अंजोर यदु की भूमिका हो सकती है। लेकिन सीबीआई की चार्जशीट में इस तरह के किसी भी राजनीतिक चेहरे या साजिश का जिक्र नहीं किया गया है। इसके बाद बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि विधायक ईश्वर साहू अभी भी अन्य पहलुओं पर जांच की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस का जवाब: बीजेपी माफी मांगे
सीबीआई की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को कठोर शब्दों में घेरा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बीजेपी ने इस मामले को राजनीतिक रंग देकर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण किया। उन्होंने बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव से मांग की कि वे कांग्रेस सरकार पर लगाए गए तुष्टिकरण के झूठे आरोपों के लिए माफी मांगें। उन्होंने कहा कि राजनीति को इस तरह के संवेदनशील मामलों में नहीं घसीटना चाहिए।
बिरनपुर हत्याकांड मामले में सीबीआई के स्पष्ट निष्कर्ष ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जांच एजेंसी ने इस घटना को स्थानीय विवाद बताया है, जबकि कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। इस मामले ने छत्तीसगढ़ की सियासत को गर्मा दिया है और आगे भी इसकी राजनीतिक और कानूनी पड़ताल जारी रहने की संभावना है।
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