CEC Gyanesh Kumar : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक एक बार फिर संसद में महाभियोग प्रस्ताव से जुड़ा नोटिस लाने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी दलों की ओर से प्रस्ताव का नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में नोटिस दिए जाने की तैयारी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट सामने आई है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली चर्चा में
हाल में सामने आई रिपोर्टों में चुनाव आयोग के भीतर SIR और मतदाता सूची से संबंधित कुछ मुद्दों पर अलग-अलग राय सामने आने की बात कही गई। रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने अपने निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि संस्थागत विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
नए नोटिस में हालिया घटनाक्रम शामिल होंगे
INDIA ब्लॉक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित नए नोटिस में हाल में सामने आए तथ्यों और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठे सवालों को शामिल किया जाएगा। विपक्षी दल पहले दिए गए नोटिस के बाद सामने आई नई जानकारियों को भी प्रस्ताव के आधार में जोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इसके जरिए विपक्ष अपनी ओर से उठाए गए मुद्दों को संसद के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है।
विपक्षी दल तीसरी बार नोटिस देने की तैयारी में
सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच सहमति होने की बात कही जा रही है। हालिया घटनाक्रम के बाद महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित पहल को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हुई है। इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी सांसदों की ओर से प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस दिए जा चुके हैं। 24 अप्रैल को राज्यसभा में 73 विपक्षी सदस्यों के हस्ताक्षर वाला नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
पहले के नोटिसों पर आगे नहीं बढ़ी थी प्रक्रिया
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा में भी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, उन प्रयासों को आगे नहीं बढ़ाया गया और संबंधित नोटिस खारिज कर दिए गए थे। अब विपक्षी दल नए तथ्यों और हालिया घटनाक्रमों को आधार बनाकर दोबारा संसद में यह मुद्दा उठाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा की स्थिति बन सकती है।
CEC को हटाने के लिए क्या है संवैधानिक प्रावधान?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324(5) में निर्धारित है। इसके अनुसार, CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ी है। इसलिए केवल महाभियोग नोटिस पेश किए जाने से CEC को पद से हटाया नहीं जाता। इसके बाद संसद में निर्धारित संवैधानिक और प्रक्रियात्मक प्रावधानों का पालन आवश्यक होता है।
चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को बताया वैध
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने 23 सितंबर को अपने निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया था। आयोग ने कहा कि उसके आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश कानूनी रूप से वैध हैं। आयोग ने यह भी कहा कि किसी संस्थान के भीतर विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य है। आयोग के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों की ओर से दिए गए सुझावों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार करना था।
नए नोटिस के बाद संसद में फिर उठ सकता है मुद्दा
यदि INDIA ब्लॉक की ओर से प्रस्तावित नया नोटिस अगले सप्ताह दोनों सदनों में दिया जाता है, तो CEC और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक चर्चा फिर तेज हो सकती है। हालांकि, नोटिस दाखिल होना महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने के बराबर नहीं है। आगे की कार्रवाई संसद में लागू संवैधानिक नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी। फिलहाल विपक्ष नए तथ्यों के साथ अपना पक्ष तैयार कर रहा है, जबकि निर्वाचन आयोग अपनी निर्णय प्रक्रिया को कानूनी और संस्थागत रूप से वैध बता चुका है।
Read More : Stock Market Crash : शेयर बाजार में हाहाकार, 12 वित्तीय कंपनियों के 1.12 लाख करोड़ डूबे