CG Flood Alert : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश और जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थिति को देखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि धमतरी, बीजापुर और बालोद में तिमाही परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिलों को किया अलर्ट
बाढ़ और भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि बारिश और बाढ़ के कारण आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गंगरेल जलाशय से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी
राजिम क्षेत्र में गंगरेल जलाशय से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद त्रिवेणी संगम में जलस्तर बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक, गंगरेल और सीकासार जलाशय से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गंगरेल से करीब तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
राजिम और नवापारा के निचले इलाकों में खतरा
जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण राजिम और नवापारा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने नदी और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नाले और तटीय इलाकों के आसपास जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
लगातार छोड़ा जा रहा है जल
गंगरेल और सीकासार जलाशय से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। बड़ी मात्रा में पानी नदी में पहुंचने के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ा
बस्तर संभाग में भी लगातार बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। भारी बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन के अनुसार, रात तक नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए नदी किनारे के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
SDRF को रखा गया मुस्तैद
इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। नदी के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को तैयार रख रहा है।
दो गांव बने टापू, रेस्क्यू की तैयारी
नगरनार क्षेत्र के नदीबोड़ना और भेजापदर गांवों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण दोनों गांवों के आसपास पानी भरने से उनके टापू में तब्दील होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ राहत-बचाव टीम रवाना की गई है।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
छत्तीसगढ़ में बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई इलाकों में स्थिति तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। अधिकारियों ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन का फोकस फिलहाल लोगों की सुरक्षा, समय पर राहत पहुंचाने और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी पर है।
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