Korea Triple Murder Case : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बहुचर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच अब एक निर्णायक और महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य सरकार की विशेष अनुशंसा और केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की पांच सदस्यीय टीम आज सुबह कोरिया जिला मुख्यालय पहुंच गई है। यह टीम फिलहाल चरचा स्थित पंचवटी रेस्ट हाउस में रुकी हुई है और बहुत जल्द सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में स्थित उस घटनास्थल का दौरा करेगी, जहाँ इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था। सीबीआई के आगमन से क्षेत्र में इस हाई-प्रोफाइल मामले के जल्द खुलासे की उम्मीदें फिर से जागृत हो गई हैं।

वैज्ञानिक पद्धति और गहन साक्ष्यों की फिर से होगी पड़ताल
सीबीआई के अधिकारियों की प्राथमिकता घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से सूक्ष्म निरीक्षण करना है। टीम इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ने, पहले से एकत्र किए गए साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन करने और इस मामले से संबंधित प्रत्यक्षदर्शियों तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से दोबारा पूछताछ करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, सीबीआई अब तक स्थानीय पुलिस द्वारा जुटाई गई केस डायरी, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गिरफ्तार किए गए आरोपियों से संबंधित सभी दस्तावेजों का गहन अध्ययन करेगी। केंद्रीय एजेंसी का मुख्य उद्देश्य घटना के हर एक पहलू की स्वतंत्र पुष्टि करना है ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके।

16 जून की वह भयावह घटना जिसने झकझोर दिया प्रदेश
गौरतलब है कि 16 जून 2026 को सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने न केवल कोरिया जिले को बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को स्तब्ध कर दिया था। इस क्रूर वारदात के बाद से ही स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश व्याप्त था, जिसके चलते मामले की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग लगातार उठ रही थी। जनभावनाओं और घटना की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून 2026 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की औपचारिक सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
12 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की नई राह
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता और व्यापक स्तर पर फैली चर्चाओं को देखते हुए जांच को सीबीआई के सुपुर्द करने का निर्णय लिया गया, ताकि कोई भी कानूनी कमी न रहे। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी विस्तृत चर्चा करेगी। यदि आवश्यकता हुई, तो फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
न्याय की आस: स्थानीय निवासियों की नजरें अब जांच पर टिकी
सीबीआई टीम के जिले में पहुंचने के साथ ही पूरे कोरिया जिले में इस जांच को लेकर उत्सुकता और उम्मीद का माहौल है। पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिक अब यह मानकर चल रहे हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच के बाद इस बहुचर्चित मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई की जांच में और कौन-कौन से नए तथ्य या चेहरे सामने आते हैं। पूरे क्षेत्र में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, जबकि सीबीआई की कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।












