Badrinath Case : बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और चंदा चोरी के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में मुख्य आरोपी और मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को विशेष जांच दल (SIT) ने देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 11 बजे आरोपी को राजधानी देहरादून के एक ठिकाने से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने उसे पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के दफ्तर में स्थानांतरित किया है। आरोपी को आज स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ से उसे आगे की कार्रवाई के लिए रिमांड पर लिया जा सकता है।

फरार आरोपी की तलाश में जुटी थी पुलिस की स्पेशल टीम
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही प्रमोद नौटियाल फरार चल रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम लंबे समय से उसके संभावित छिपने के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने देहरादून में जाल बिछाया, जहाँ अंततः रविवार की रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले के कुछ ही दिन बाद बदरीनाथ धाम में इस तरह की घटना का सामने आना देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ था। इस मामले ने न केवल मंदिर समिति बल्कि पूरे धार्मिक जगत को हिलाकर रख दिया था, जिसके बाद मंदिर की वित्तीय सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठे थे।

सीसीटीवी फुटेज बना सबूत, वित्तीय अनियमितता की खुली पोल
जांच में खुलासा हुआ है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे को रखरखाव और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया के दौरान बड़ी हेराफेरी की गई थी। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब मंदिर प्रशासन को वित्तीय अनियमितता की भनक लगी और मामले में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को 25 जून की एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी, जिसमें आरोपी प्रमोद नौटियाल नोटों की गड्डी ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो सबूत के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और बीकेटीसी से मामले की आंतरिक जांच रिपोर्ट के साथ-साथ अन्य वित्तीय दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए।
जांच का दायरा बढ़ा: क्या और भी लोग हैं शामिल?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि इस पूरे घोटाले में क्या वह अकेला शामिल था या उसके साथ मंदिर समिति या अन्य कोई बाहरी व्यक्ति भी संलिप्त है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड और दस्तावेजों का बारीकी से ऑडिट कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। जो भी व्यक्ति इस घोटाले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद मंदिर प्रबंधन ने भी चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के संकेत दिए हैं।
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