CG Patwari Strike : छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका के बीच राजस्व पटवारी संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। संघ के आह्वान पर पटवारी नए पीवी ऐप के विरोध और अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पटवारियों का कहना है कि नए मोबाइल ऐप के इस्तेमाल में व्यावहारिक और तकनीकी परेशानियां सामने आ रही हैं, लेकिन उनका समाधान करने के बजाय ऐप का बहिष्कार करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। इस आंदोलन से तहसीलों में आम लोगों के जरूरी काम प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।
पीवी ऐप के विरोध में पटवारी संघ का आंदोलन
पटवारियों के विरोध का प्रमुख कारण फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा नया मोबाइल ऐप है। संघ का कहना है कि ऐप के माध्यम से फसल सत्यापन की प्रक्रिया में कई व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। पटवारी इन समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय ऐप का बहिष्कार करने पर निलंबन, तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। संघ चाहता है कि तकनीकी खामियों को दूर कर कामकाज को व्यावहारिक बनाया जाए।
निलंबन और तबादलों को लेकर भी नाराजगी
राजस्व पटवारी संघ ने कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई है। पटवारियों का आरोप है कि पीवी ऐप का इस्तेमाल नहीं करने या उसके बहिष्कार के कारण कुछ कर्मचारियों को निलंबित किया जा रहा है। इसके अलावा तबादलों और अन्य अनुशासनात्मक कदमों का भी सामना करना पड़ रहा है। संघ ने संबंधित कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपने पदाधिकारियों के तबादले निरस्त करने की मांग उठाई है। पटवारियों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं पर संवाद और समाधान की जरूरत है, न कि कर्मचारियों पर कार्रवाई की।
वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग
ऐप विवाद के अलावा पटवारियों की कई सेवा संबंधी मांगें भी आंदोलन का हिस्सा हैं। संघ चाहता है कि कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए और उन्हें नियमानुसार पदोन्नति का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही संघ के पदाधिकारियों के तबादले रद्द करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। पटवारी इन मांगों पर समाधान चाहते हैं। संघ की ओर से उठाए गए मुद्दों में तकनीकी व्यवस्था, सेवा शर्तें और कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई शामिल हैं।
तहसीलों में कामकाज प्रभावित, आम जनता की बढ़ सकती है परेशानी
पटवारियों की हड़ताल से तहसीलों में राजस्व संबंधी सेवाओं पर असर पड़ रहा है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों से जुड़े काम, फसल सत्यापन यानी गिरदावरी, किसान पंजीयन और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इन सेवाओं के लिए तहसीलों और पटवारी कार्यालयों पर निर्भर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर प्रमाण पत्र बनवाने, सरकारी योजनाओं के लिए दस्तावेज तैयार कराने और कृषि संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने वाले लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है।
समाधान पर टिकी निगाहें, हड़ताल कब खत्म होगी?
पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच अब उनकी मांगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। आंदोलन कब समाप्त होगा, यह मांगों पर बातचीत और समाधान की दिशा में होने वाली प्रगति पर निर्भर करेगा। फिलहाल पटवारी पीवी ऐप की समस्याओं का निराकरण, वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति का लाभ देने और तबादलों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल लंबी चलने पर राजस्व सेवाओं के लंबित मामलों की संख्या बढ़ सकती है। आम लोगों को राहत मिलने के लिए जरूरी है कि संबंधित पक्ष समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।
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