CG TET Protest: छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर शिक्षकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। केवल TET उत्तीर्ण शिक्षकों को ही पदोन्नति दिए जाने के आदेश के विरोध में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को नए नियम के कारण नुकसान नहीं होना चाहिए।

तीन प्रमुख शिक्षक संगठनों ने बनाया संयुक्त संघर्ष मोर्चा
वीरेंद्र दुबे, संजय शर्मा और केदार जैन की पहल पर संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चे का गठन किया गया है। इस मोर्चे में प्रदेश के प्रमुख शिक्षक संगठन शामिल हुए हैं। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए सामूहिक मंच जरूरी था। इसी उद्देश्य से तीनों संगठनों ने एक साथ आकर आंदोलन की रणनीति तैयार की है।

वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन की प्रमुख मांग
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों में सबसे प्रमुख रूप से वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने की मांग रखी है। मोर्चे का कहना है कि व्याख्याता, शिक्षक तथा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठक के रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए TET को अनिवार्य शर्त नहीं बनाया जाना चाहिए। लंबे समय से सेवा कर रहे शिक्षकों की वरिष्ठता को पदोन्नति में प्राथमिक आधार बनाया जाना चाहिए।
पूर्व सेवा अवधि जोड़कर पूर्ण पेंशन देने की मांग
शिक्षक संगठनों ने पूर्व सेवा अवधि की गणना कर शिक्षकों को पूर्ण पेंशन का लाभ देने की मांग भी उठाई है। मोर्चे का कहना है कि शिक्षकों की पूर्व सेवा को सेवा अवधि में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सेवानिवृत्ति के समय उन्हें पेंशन संबंधी नुकसान का सामना न करना पड़े। इस मांग को भी ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन विसंगति दूर करने की मांग
शिक्षक संघर्ष मोर्चे ने केंद्रीय वेतनमान के आधार पर राज्य के शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि वेतन संबंधी अंतर के कारण शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए विसंगतियों को दूर करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

18 अगस्त को शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
संघर्ष मोर्चा अब अपनी मांगों को लेकर 18 अगस्त को सरकार के सामने औपचारिक रूप से पक्ष रखने की तैयारी कर रहा है। मोर्चे के पदाधिकारियों के अनुसार, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और डीपीआई को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें TET को लेकर शिक्षकों की चिंताओं के साथ पदोन्नति, पेंशन और वेतन विसंगति से संबंधित मांगों को विस्तार से रखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की मोहलत का भी दिया जाएगा हवाला
शिक्षक संगठन अपने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट की ओर से TET उत्तीर्ण करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक दी गई मोहलत का हवाला देने की तैयारी में हैं। मोर्चे का तर्क है कि जब शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित समय सीमा तक अवसर दिया गया है, तो तब तक वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
तीन संगठनों के पदाधिकारी मोर्चे में शामिल
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा में छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक संघ के पदाधिकारी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा और छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन इस संयुक्त पहल में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार के फैसले पर शिक्षकों की नजर
TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों की सक्रियता से छत्तीसगढ़ में यह मुद्दा अब चर्चा में आ गया है। मोर्चे की ओर से सरकार के समक्ष मांगें रखने के बाद शिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सभी की नजर 18 अगस्त को होने वाले ज्ञापन कार्यक्रम और उसके बाद सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है। यदि मांगों पर समाधान नहीं निकला, तो शिक्षक संगठन आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।
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