CGPSC Bharti Scam : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेज कर दी है। एजेंसी कथित कैश सिंडिकेट और भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुए पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसी सिलसिले में ED ने करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इन लोगों से कथित तौर पर अभ्यर्थियों से जुड़ी रकम, उसके स्रोत और लेन-देन को लेकर जानकारी हासिल की जाएगी।
विवादित अभ्यर्थियों से जुड़े लोगों पर भी नजर
ED की पूछताछ के दायरे में केवल विवादित अभ्यर्थी ही नहीं हैं, बल्कि उनसे जुड़े NGO, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के दौरान पैसों का नेटवर्क किस तरह काम करता था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
रकम कहां से आई, किस तक पहुंची?
जांच एजेंसी का मुख्य फोकस कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम के स्रोत का पता लगाने पर है। ED यह भी जांच रही है कि अगर किसी तरह की रकम जुटाई या वसूली गई थी, तो वह किन माध्यमों से आगे पहुंचाई गई। इसके लिए अलग-अलग लोगों से पूछताछ कर पैसों के संभावित नेटवर्क और आपसी संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जमानत पर बाहर आरोपियों से दोबारा पूछताछ
इस मामले में जमानत पर बाहर चल रहे कुछ आरोपियों को भी ED ने दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें तत्कालीन CGPSC परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, टामन सोनवानी के भतीजे साहिल सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और उनकी पत्नी भूमिका कटियार समेत कई नाम शामिल हैं। एजेंसी पुराने बयानों और जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर उनसे दोबारा सवाल कर सकती है।
आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
गौरतलब है कि 1 सितंबर को तत्कालीन CGPSC परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद अब ED की ओर से उन्हें फिर पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी भर्ती प्रक्रिया और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है।
171 पदों के लिए हुई थी CGPSC परीक्षा
CGPSC परीक्षा 2021 के तहत कुल 171 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका प्रारंभिक यानी प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को हुआ था। परीक्षा में कुल 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद करीब तीन महीने बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई।
मेंस परीक्षा के बाद 509 अभ्यर्थी सफल
मुख्य परीक्षा के परिणाम में कुल 509 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरण इंटरव्यू था। इंटरव्यू पूरा होने के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया और चयन को लेकर बाद में सवाल उठे और मामला जांच के दायरे में आया।
कैश सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ रही जांच एजेंसी
अब ED की ताजा कार्रवाई से इस मामले में कथित कैश सिंडिकेट की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। करीब 30 लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाए जाने से एजेंसी अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित रकम का स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल या वितरण किन लोगों के बीच हुआ।
जांच से सामने आ सकते हैं नए तथ्य
CGPSC भर्ती घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ अब ED की पूछताछ पर नजर बनी हुई है। विवादित अभ्यर्थियों, आरोपियों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के अलावा NGO, कंपनी तथा रिसार्ट संचालकों से जुड़े व्यक्तियों को पूछताछ के दायरे में शामिल किए जाने से जांच का दायरा व्यापक होता दिख रहा है। हालांकि, कथित वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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