Chhattisgarh 375 crore grant: छत्तीसगढ़ के आदिवासी और दूर-दराज़ इलाकों के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री जनजातीय जनमन योजना (फेज-2, वर्ष 2025-26) के तहत केंद्र ने राज्य को 375.71 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस धनराशि से 2,449 किलोमीटर लंबी 715 सड़कों और 6,569 मीटर लंबे 100 पुलों का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री को केंद्रीय मंत्री का पत्र
इस संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर जानकारी दी है। उन्होंने राज्य सरकार से अपेक्षा जताई है कि सभी निर्माण कार्य तेज़ गति और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में लिखा है, “यह योजना विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आवागमन की बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के तहत यह पहल आदिवासी इलाकों के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
योजना का व्यापक असर
छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्र, खासकर बस्तर, कांकेर, सरगुजा और जशपुर जैसे इलाके, अब भी बुनियादी सड़कों और पुलों से वंचित हैं। केंद्र से मिली इस राशि से इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी, जिससे न केवल परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंच भी आसान होगी। राज्य सरकार का दावा है कि इन निर्माण कार्यों से लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आदिवासी विकास की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री जनजातीय जनमन योजना का उद्देश्य आदिवासी समुदायों को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाना है। इसमें खासतौर पर उन जनजातियों को प्राथमिकता दी जाती है, जो दुर्गम इलाकों में निवास करती हैं और जिनका संपर्क मुख्यधारा से बहुत सीमित है। केंद्र सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उम्मीद है कि समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से इन परियोजनाओं का निर्माण होगा और जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
रिपोर्ट: डिजिटल डेस्क
Read More : Supreme Court ED remark : ईडी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘दोष साबित नहीं, फिर भी हिरासत में रखना गलत’











