CG ACB Action
CG ACB Action: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग के एक अधिकारी को भारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी कंपनियों और किसानों को झूठे कानूनी मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे कृषि विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की यह जीरो टॉलरेंस नीति का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
इस पूरे मामले की शुरुआत बीजों के भंडारण को लेकर हुए एक विवाद से हुई। शिकायतकर्ता अजीत कुमार कश्यप, जो हैदराबाद की प्रसिद्ध ‘साईं भव्या सीड्स कंपनी’ में एरिया सेल्स मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं, ने एसीबी को अपनी आपबीती सुनाई। उनकी कंपनी क्षेत्र में धान और मक्के के बीजों की आपूर्ति करती है। अगस्त महीने की बिक्री के बाद जो स्टॉक बच गया था, उसे नियमानुसार दरिमा रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अस्थायी रूप से रखा गया था। कंपनी की योजना इन बीजों को वापस भेजने की थी, लेकिन कृषि अधिकारी ने इसे अवैध भंडारण बताकर वसूली का जरिया बना लिया।
अंबिकापुर के बीज निरीक्षक एवं कृषि विकास अधिकारी सोहन लाल भगत को जब इस भंडारण की सूचना मिली, तो उन्होंने कानून का पालन करने के बजाय शिकायतकर्ता को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी अधिकारी ने दावा किया कि यह भंडारण नियमों के विरुद्ध है और वह कंपनी पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ पुलिस केस दर्ज करा देगा। इन फर्जी आरोपों से बचने के बदले में सोहन लाल भगत ने शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये की मोटी रिश्वत की मांग की। अधिकारी के इस रवैये से तंग आकर शिकायतकर्ता ने ईमानदारी का रास्ता चुना और एसीबी के पास जाकर पूरी घटना की जानकारी दे दी।
एसीबी की टीम ने शिकायत मिलते ही प्राथमिक जांच की और पाया कि अधिकारी वास्तव में अवैध वसूली की कोशिश कर रहा है। इसके बाद एक फूलप्रूफ ट्रैप तैयार किया गया। 12 अप्रैल 2026 को योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेकर अधिकारी के पास पहुंचा। जैसे ही सोहन लाल भगत ने अपनी मेज पर रिश्वत की गड्डी स्वीकार की, वहां सादे कपड़ों में पहले से तैनात एसीबी के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। अधिकारी के पास से रिश्वत की वह राशि बरामद कर ली गई, जिस पर विशेष पाउडर लगाया गया था।
एसीबी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आरोपी सोहन लाल भगत के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988’ की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। एसीबी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस अधिकारी ने पहले भी इस तरह से अन्य कंपनियों या मासूम किसानों को प्रताड़ित कर अवैध वसूली की है।
इस कार्रवाई ने जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के बीच एक कड़ा संदेश भेजा है। अंबिकापुर के किसानों और व्यापारी संगठनों ने एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों की वजह से ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंच पाता और व्यापार करना कठिन हो जाता है। एसीबी ने अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डरे इसकी सूचना विभाग को दें। फिलहाल, कृषि विभाग में जांच जारी है और कुछ अन्य संदेही भी रडार पर हैं।
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