Sameer Dhritlahare arrest : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष समीर धृतलहरे (19 वर्ष) को कसडोल पुलिस ने गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने, उसे जान से मारने की धमकी देने और घर जलाने की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और राजनीतिक-सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे, एक नाबालिग बालिका साइकिल से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ग्राम गोरधा निवासी समीर धृतलहरे, जो कि भीम आर्मी का जिला अध्यक्ष है, अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचा। उसने बालिका का रास्ता रोककर उसके साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की।

जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने और घर जला देने की भी धमकी दी। डरी-सहमी बालिका ने घटना की शिकायत थाना कसडोल में दर्ज कराई।
पुलिस ने तेजी से की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए कसडोल पुलिस ने अपराध क्रमांक 620/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(1), 296, 351(3), 74 और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया।पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में जांच टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी समीर को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
पहले भी विवादों में रहा है आरोपी
गौरतलब है कि घटना से एक दिन पहले ही समीर धृतलहरे ने कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम देवरीकला में हुई चाकूबाजी की घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस दौरान उसने मीडिया में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस पर दबाव भी बनाया था। अब उसी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला सामने आना, राजनीतिक और सामाजिक रूप से गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए समीर धृतलहरे पर लगे नाबालिग से छेड़छाड़ और धमकी के आरोप ने न सिर्फ संगठन की छवि को धक्का पहुंचाया है, बल्कि कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। कसडोल पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इस मामले का कानूनी निपटारा और न्याय सुनिश्चित करना अब अगला अहम कदम है।











