Congress BJP Raipur : राजधानी रायपुर में सामने आए ड्रग्स सिंडिकेट मामले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। एक ओर जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने डबल इंजन सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस शासनकाल को नशाखोरी की जड़ बताया है। मामला अब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक गरमा चुका है। वीडियो वायरल और मीडिया रिपोर्ट के बाद बढ़ा बवाल बीते दिनों रायपुर से वायरल हुए एक वीडियो में युवती और कुछ युवकों को ड्रग्स का सेवन करते हुए देखा गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला सिर्फ अपराध नहीं, राजनीति का मुद्दा बन गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन लगातार सामने आ रही जानकारियों और वायरल वीडियो ने इसे हाई प्रोफाइल केस बना दिया। दीपक बैज: डबल इंजन की सरकार में पाकिस्तान से आ रहा नशा दिल्ली दौरे से लौटे कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा: “प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, फिर भी पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहे हैं। यह साफ तौर पर भाजपा सरकार की नाकामी है।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी भाजपा असफल होती है, तो दोष पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और उसके नेताओं पर मढ़ देती है। “गृहमंत्री तो घुसपैठियों को बॉर्डर से भगाने की बात करते हैं, लेकिन पाकिस्तान से ड्रग्स छत्तीसगढ़ तक कैसे पहुंच रहा है? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी नहीं है?” अरुण साव का पलटवार कांग्रेस के आरोपों पर डिप्टी सीएम और गृह मंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:”कांग्रेस ने ही छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बनाया। हमारी सरकार ने आते ही नशे के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। अब हर ड्रग्स तस्कर पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।” साव ने कहा कि ड्रग्स के इस नेटवर्क की जड़ें पूर्व सरकार के समय की लापरवाहियों से पनपी हैं। “हमने पिछले कुछ महीनों में करोड़ों की हेरोइन जब्त की है, सैकड़ों गिरफ्तारी हुई है। कांग्रेस की तरह सिर्फ बयान नहीं, हमने जमीन पर काम किया है।” जांच में कई एजेंसियों की एंट्री इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस, एनसीबी और आईबी जैसी राष्ट्रीय एजेंसियों को जांच में शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई राजनीतिक और कारोबारी लिंक सामने आ सकते हैं। ड्रग तस्करी के इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को गर्मा दिया है। अब यह सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं रहा, बल्कि सियासी बयानबाजी का केन्द्र बन चुका है। जनता अब यह देख रही है कि असल जिम्मेदार कौन है — पूर्व की नीतियां या वर्तमान की ढिलाई? Read More : Chhattisgarh cartoon war : छत्तीसगढ़ में कार्टून वार से गरमाई सियासत, भूपेश को भाजपा ने, साय को कांग्रेस ने जानवर बनाया














