Chhattisgarh Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने इस प्रस्ताव को सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि राज्य की तीन करोड़ जनता के भरोसे के खिलाफ बताया। मुख्यमंत्री ने तर्कों के साथ कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में राज्य की 11 में से 10 सीटें भाजपा की झोली में डालीं और नगरीय निकायों में भी जनता ने भाजपा पर अपना विश्वास जताया। ऐसे में विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाना सीधे तौर पर प्रदेश की जनता के लोकतांत्रिक निर्णय और जनादेश का अपमान है।

विपक्ष से सवाल: क्या जनता के हित पर है अविश्वास?
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कई गंभीर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि विपक्ष आखिरकार किस मुद्दे या किस वर्ग पर अविश्वास जता रहा है? क्या वे उन 25 लाख किसानों पर अविश्वास कर रहे हैं जिन्हें भाजपा सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का समर्थन मूल्य दिया? क्या वे उन 70 लाख माताओं-बहनों के भरोसे को चुनौती दे रहे हैं, जिन्हें ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत प्रति माह सम्मान राशि मिल रही है? मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पहले ही जनता का भरोसा खो चुकी है और पांच साल के अपने पिछले कार्यकाल के कुशासन के कारण सत्ता से बाहर हुई है। आज वे अपनी राजनीतिक हताशा और नैतिक हार को छिपाने के लिए सरकार पर अविश्वास का नाटक कर रहे हैं।

‘मोदी की गारंटी’ को धरातल पर उतारने का संकल्प
सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार का हर दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को हकीकत में बदलने के लिए समर्पित रहा है। सरकार ने अपने घोषणापत्र के प्रमुख वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया है। सुशासन और विकास की नीति अपनाते हुए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल कागजी घोषणाओं में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले परिणामों में यकीन रखती है। सेवा और पारदर्शिता उनकी कार्यशैली के मूल स्तंभ हैं।
किसानों के हित में ऐतिहासिक और साहसी निर्णय
सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्ता में आते ही उन्होंने किसान हितैषी फैसले लिए। 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित की गई और दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया गया। सिंचाई क्षमता को बढ़ाने के लिए रिकॉर्ड काम हुआ है। पिछली सरकार के समय जहां औसत वृद्धि 9,600 हेक्टेयर प्रतिवर्ष थी, वहीं वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 19,500 हेक्टेयर प्रतिवर्ष कर दिया है। पिछले दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई गाथा
महिला सशक्तिकरण को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि करार देते हुए सीएम ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को अब तक 18,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल किया गया है। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री और स्टाम्प शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई है, जो महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को बढ़ावा दे रहा है।
वित्तीय अनुशासन और राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि
वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य को कर्ज और आर्थिक अव्यवस्था की खाई में धकेला था। बिना बजट प्रावधान के लोक-लुभावन घोषणाएं की गई थीं। वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासनिक सुधारों के जरिए राजस्व संग्रह में भारी वृद्धि की है। वाणिज्यिक कर, आबकारी और खनिज राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल सुधारों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के कारण राज्य की आय बढ़ी है, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए धन की कमी नहीं होने दी गई।
जनजातीय विकास और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक जंग
आदिवासियों के उत्थान पर बोलते हुए सीएम साय ने कहा कि पिछली सरकार ने आदिवासियों के नाम पर सिर्फ राजनीति की, जबकि उनकी सरकार ने विकास, सुरक्षा और विश्वास का नया मॉडल पेश किया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी से लेकर वनाधिकार पट्टों की समस्याओं के समाधान तक सरकार ने काम किया है। ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ के जरिए विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के लिए आवास, सड़क और बिजली का जाल बिछाया जा रहा है। नक्सलवाद पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में सुरक्षा और विकास के समानांतर प्रयासों से नक्सल समस्या अब अपने अंत के करीब है।
युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य की तकनीक
युवाओं के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘तबादला उद्योग’ को खत्म कर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। पुलिस भर्ती में तेजी लाते हुए ढाई वर्षों में 7,000 पदों पर भर्ती पूरी की गई है और इतनी ही और भर्तियां पाइपलाइन में हैं। कौशल विकास और एआई (AI) मिशन के जरिए युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना से छत्तीसगढ़ को तकनीक का केंद्र बनाया जा रहा है, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य में छत्तीसगढ़ की प्रगति
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए सीएम ने बताया कि एनर्जी समिट के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर’ योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट लग चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की कमी दूर की गई है और नवा रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए 91 प्रतिशत आबादी को आयुष्मान कार्ड से जोड़ा गया है और पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू कर प्रदेश में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 तक पहुँचा दी गई है।
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