ACB Action : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिलासपुर एसीबी ने एक विशेष ट्रैप लगाकर रतनपुर तहसील के एक पटवारी और मस्तूरी क्षेत्र के विद्युत विभाग के एक क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है। पटवारी ने जहाँ जमीन संबंधी कार्यों के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग की थी, वहीं बिजली विभाग के क्लर्क ने किसान से कनेक्शन देने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

जमीन के बटांकन के लिए पटवारी ने मांगे थे 25 हजार
रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने एसीबी बिलासपुर में लालपुर के पटवारी भानु चंद्राकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी लालपुर स्थित भूमि के नक्शा बटांकन के लिए एक साल पहले तहसीलदार के समक्ष आवेदन दिया था। तहसीलदार के निर्देश के बावजूद, संबंधित पटवारी भानु चंद्राकर ने काम करने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। लंबी बातचीत के बाद सौदा 25 हजार रुपये पर तय हुआ। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी। जैसे ही पटवारी ने रतनपुर कार्यालय में रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बिजली विभाग का क्लर्क भी चढ़ा एसीबी के हत्थे
दूसरी घटना बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र की है, जहाँ एसीबी ने बिजली विभाग (CSPDCL) के एक क्लर्क को किसान से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। पारघाट गांव के निवासी त्रिलोकी साहू ने शिकायत की थी कि उन्होंने अपने खेत में बिजली के खंभे लगवाने के लिए विद्युत विभाग में आवेदन दिया था। इस कार्य को पूर्ण करने के बदले क्लर्क सहदेव कुमार चंद्रा ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। त्रिलोकी साहू ने इस बाबत एसीबी बिलासपुर में शिकायत की। योजना के अनुसार, जब शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि क्लर्क को सौंपी, तभी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस आरोपी क्लर्क के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी की जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील
बिलासपुर एसीबी के डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की है कि यदि किसी भी विभाग का कोई लोकसेवक कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे बिना डरे इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। एसीबी का उद्देश्य भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करना है ताकि आम नागरिक को अपने वैधानिक कार्यों के लिए किसी प्रकार का शोषण न झेलना पड़े। इस प्रकार की ट्रैप कार्रवाइयां न केवल भ्रष्ट अधिकारियों के लिए चेतावनी हैं, बल्कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस भ्रष्ट तंत्र में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।











