CG Census 2027
CG Census 2027: छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। हाल ही में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। अधिकारियों ने बताया कि यह जनगणना देश का अब तक का सबसे व्यापक सर्वेक्षण होगा, जो स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत की आठवीं जनगणना के रूप में दर्ज की जाएगी। इस बार राज्य सरकार ने गृह विभाग को इस पूरे अभियान के लिए नोडल विभाग नियुक्त किया है, जो विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पूरी प्रक्रिया की निगरानी और संचालन सुनिश्चित करेगा।
सरकार ने जनगणना की जटिल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, जनगणना के पहले चरण की विधिवत शुरुआत 1 मई से होगी और यह अभियान 30 मई तक निरंतर चलेगा। इस एक महीने की अवधि के दौरान, प्रशिक्षित प्रगणक (Enumerators) राज्य के कोने-कोने में घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी परिवार या मकान इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सर्वेक्षण से छूटने न पाए, ताकि भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हों।
इस बार की जनगणना की सबसे क्रांतिकारी विशेषता ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच, नागरिकों को यह अवसर दिया जाएगा कि वे स्वयं ऑनलाइन पोर्टल या ऐप के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकें। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह से ऐच्छिक (Optional) है। जो लोग डिजिटल माध्यम से जानकारी देने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए प्रगणक घर आकर डेटा दर्ज करेंगे। यह तकनीक न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता को भी बढ़ाएगी।
जनगणना का यह महाअभियान छत्तीसगढ़ के भौगोलिक विस्तार को पूरी तरह कवर करेगा। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और 252 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 19,978 गांवों में यह सर्वे किया जाएगा। सूक्ष्म स्तर पर निगरानी के लिए प्रशासन ने पूरे प्रदेश में लगभग 49,000 गणना ब्लॉक (Enumeration Blocks) बनाए हैं। इतने विस्तृत ढांचे का उद्देश्य प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट जनसांख्यिकीय जानकारी को संकलित करना है, जिससे विकास कार्यों का बेहतर खाका तैयार किया जा सके।
पहले चरण के दौरान प्रगणकों द्वारा नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सवालों में मुख्य रूप से मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की विस्तृत जानकारी, आवासीय सुविधाओं की उपलब्धता और परिवार की संपत्तियों से जुड़े विषय शामिल होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना अधिनियम के तहत इस डेटा को किसी भी अन्य संस्था या व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाएगा, इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए होगा।
इस विशाल कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 62,500 कर्मियों की विशाल टीम तैनात की है। इस टीम में 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तरीय अधिकारी और 472 चार्ज ऑफिसर्स शामिल हैं, जो जमीनी स्तर पर कार्य की निगरानी करेंगे। पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा। कार्यभार को संतुलित करने हेतु प्रत्येक प्रगणक को अधिकतम 800 व्यक्तियों और 180 मकानों के सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस डिजिटल दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ का डेटा अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन होने की उम्मीद है।
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