CG Weather Update
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में सूर्यदेव के तेवर अब जानलेवा साबित होने लगे हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) की मानें तो फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर बने एक चक्रवाती परिसंचरण और वायुमंडलीय द्रोणिकाओं के प्रभाव से हवाओं में नमी खत्म हो गई है, जिससे मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। इसी भौगोलिक स्थिति के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर कहर बरपा रही हैं और तापमान रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है।
प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान अब सामान्य से काफी ऊपर जा चुका है। आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव जिला वर्तमान में प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। वहीं राजधानी रायपुर में भी पारा 42.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। चिंताजनक बात यह है कि केवल दिन ही नहीं, बल्कि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी होने के कारण रातें भी अब बेचैन करने वाली और बेहद गर्म होने लगी हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर ही कई जिलों में तापमान में एक से दो डिग्री तक का उछाल आया है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 16 से 19 अप्रैल के बीच इन क्षेत्रों में तीव्र ‘ग्रीष्म लहर’ चलने की प्रबल संभावना है। विभाग का कहना है कि मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े लोगों की मुश्किलों में इजाफा करेंगे। इस दौरान दोपहर के वक्त तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री तक अधिक रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें।
न्यायधानी बिलासपुर में भी गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शहर का अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री तक पहुंच गया है, जो इस महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। गौर करने वाली बात यह है कि यह तापमान पिछले साल 23 अप्रैल को दर्ज किए गए 43.8 डिग्री के काफी करीब है। शहर में पिछले छह दिनों से लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। तपती धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
एक तरफ जहां आसमान से आग बरस रही है, वहीं दूसरी तरफ अघोषित बिजली कटौती ने लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। बिलासपुर और रायपुर के कई रिहायशी इलाकों और व्यापारिक क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने की खबरें आ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच पंखे और कूलर बंद होने से बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि बिजली न रहने से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है और मजबूरी में उन्हें महंगे जनरेटर व इनवर्टर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
प्रदेश के बाकी हिस्सों के उलट दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में मौसम का मिजाज थोड़ा नरम बना हुआ है। स्थानीय मौसमी तंत्र के कारण बस्तर के कुछ जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह राहत बहुत ही सीमित समय के लिए होगी और इससे पूरे प्रदेश के बढ़ते तापमान पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
तेज गर्मी और लू के चलते अस्पतालों में मरीजों की कतारें लंबी होने लगी हैं। लोग डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और अत्यधिक थकान जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें और नींबू पानी, ओआरएस या छाछ का सेवन करते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है, क्योंकि उन्हें लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है।
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