Gold Silver Price 2026
Gold Silver Price 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 17 अप्रैल 2026 की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। एक ओर जहां सोने की कीमतों में मामूली सुस्ती दर्ज की गई, वहीं चांदी की चमक पहले के मुकाबले और बढ़ गई है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के ताजा हालात, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलावों का सीधा असर कीमती धातुओं की चाल पर पड़ रहा है। निवेशकों के लिए आज का दिन सतर्कता के साथ बाजार की दिशा समझने का है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज के शुरुआती रुझान बताते हैं कि सोना करीब 0.1% की हल्की कमजोरी के साथ ₹1,53,130 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, यह गिरावट बहुत मामूली है और बाजार में खरीदारी का माहौल अब भी बना हुआ है। इसके उलट, चांदी में जोरदार तेजी देखी जा रही है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के आकर्षण के चलते चांदी की कीमतें उछलकर ₹2,50,366 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में निवेशक सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven) के तौर पर इन धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारत में सोना केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा और भरोसे का प्रतीक है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों पर सोने की खरीद को सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में यह एक बेहतरीन निवेश विकल्प (Investment Option) के रूप में भी उभरा है। रिटर्न के मामले में सोने ने पिछले एक साल में शेयर बाजार और अन्य संपत्तियों को पीछे छोड़ दिया है। पिछले वर्ष अक्षय तृतीया के समय 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹99,500 प्रति 10 ग्राम था, जो इस वर्ष बढ़कर ₹1,57,800 के करीब पहुंच गया है। इसका मतलब है कि केवल एक साल में सोने ने अपने निवेशकों को करीब 60% का बंपर रिटर्न दिया है।
सोने में लंबी अवधि के लिए निवेश करने वालों के लिए आंकड़े और भी अधिक उत्साहजनक हैं। यदि हम पिछले दशक पर नजर डालें, तो साल 2014 में अक्षय तृतीया के दौरान सोने की कीमत महज ₹30,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास हुआ करती थी। आज यह ₹1.5 लाख के जादुई आंकड़े को पार कर चुका है। यानी पिछले 12 वर्षों में सोने ने निवेशकों की पूंजी को पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। हालांकि, बाजार की यह बढ़त एक सीधी लकीर में नहीं रही है। बीच-बीच में कीमतों में गिरावट (Correction) भी आई, जैसे मार्च 2026 में सोना टूटकर ₹1.35 लाख तक आ गया था, लेकिन वहां से हुई रिकवरी ने साबित कर दिया कि लंबी अवधि में सोना हमेशा मुनाफे का सौदा रहता है।
बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और अधिक तेजी देखने को मिल सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई कम नहीं होती और वैश्विक तनाव बरकरार रहता है, तो सोने को जबरदस्त सपोर्ट मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव 5300 से 5500 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं भारतीय बाजार की बात करें, तो अगले एक साल के भीतर सोना ₹1,70,000 से ₹1,85,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।
सोने की इन आसमान छूती कीमतों के बीच छोटे और बड़े निवेशकों के लिए सलाह यह है कि वे ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनाएं। बाजार की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए एकमुश्त निवेश के बजाय सिस्टमैटिक तरीके से सोने में पैसा लगाना भविष्य के लिए सुरक्षित और लाभदायक साबित हो सकता है। फिजिकल गोल्ड के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ भी निवेश के आधुनिक और सुरक्षित माध्यम बनकर उभरे हैं।
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