School Bible Controversy
School Bible Controversy: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहाँ एक शासकीय विद्यालय के भीतर छात्र-छात्राओं को ईसाई धार्मिक ग्रंथ ‘बाइबिल’ की प्रतियां बांटी गईं। यह घटना जशपुर के फरसाबहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई की है। आरोप है कि स्कूल में पदस्थ एक व्याख्याता (लेक्चरर) ने शैक्षणिक सत्र के दौरान अपनी मर्यादा का उल्लंघन करते हुए बच्चों को धार्मिक साहित्य वितरित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में शिक्षा के मंदिर के भीतर इस तरह की गतिविधि होने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध देखा जा रहा है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्कूल प्रशासन को कक्षा के भीतर किसी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक दीपक तिग्गा, जो स्कूल में व्याख्याता के पद पर तैनात हैं, ने क्लास में प्रवेश करते ही छात्रों को छोटी पॉकेट बाइबिल बांटना शुरू कर दिया। जब इस बात की जानकारी प्राचार्य तक पहुँची, तो तत्काल प्रभाव से छात्र-छात्राओं के बैग्स की सघन तलाशी ली गई। इस जांच के दौरान छात्रों के पास से कुल 14 नग बाइबिल की पुस्तकें बरामद की गईं। इस घटना ने स्कूल की धर्मनिरपेक्ष छवि और शैक्षणिक वातावरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षक दीपक तिग्गा ने न केवल ईसाई समुदाय के बच्चों को, बल्कि हिंदू छात्र-छात्राओं को भी कक्षा के भीतर बाइबिल की पुस्तकें थमा दीं। बिना किसी अनुमति या विभागीय आदेश के सरकारी परिसर में एक विशेष धर्म की पुस्तक का वितरण करना सरकारी सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का आरोप है कि शिक्षा की आड़ में बच्चों के कोमल मन पर धार्मिक प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है, जो कि कानूनन गलत है।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई के प्राचार्य आर.एन. नागेश्री ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक दीपक तिग्गा को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-Cause Notice) थमा दिया है। प्राचार्य कार्यालय द्वारा जारी इस नोटिस में शिक्षक से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उन्होंने किसके आदेश पर और किस उद्देश्य से स्कूल परिसर में धार्मिक पुस्तकें बांटीं। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र है और यहाँ किसी भी प्रकार की मजहबी गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
नोटिस में एक और महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुआ है कि 10 फरवरी को शिक्षक दीपक तिग्गा न केवल स्कूल देर से पहुँचे, बल्कि उन्होंने अनुशासन की भी धज्जियाँ उड़ाईं। नियमानुसार, किसी भी शिक्षक को स्कूल पहुँचने पर सबसे पहले प्राचार्य से संपर्क करना होता है, लेकिन दीपक तिग्गा सीधे कक्षाओं में चले गए और बिना किसी पूर्व सूचना के बाइबिल वितरण का कार्य शुरू कर दिया। इसे प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए प्राचार्य ने अपनी रिपोर्ट में शिक्षक के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है।
मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले का होने के कारण शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं। प्राचार्य की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को विस्तृत रिपोर्ट और कार्रवाई हेतु अनुशंसा पत्र भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि शिक्षक के जवाब का इंतज़ार किया जा रहा है, जिसके बाद नियमानुसार निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, स्कूल में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है और बच्चों व उनके परिजनों को आश्वस्त किया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
Read More: Bharat Bandh in Chhattisgarh: रायगढ़ में खदानें और चक्का जाम, रायपुर में मशाल जुलूस
Kerala new CM : केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने दक्षिण भारत में कांग्रेस…
Amul milk price hike : देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी 'अमूल' (Amul) ने आम…
Philippines Senate shooting : फिलीपींस की राजधानी मनीला से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने…
Ambikapur News : सरगुजा जिले के उदयपुर जनपद क्षेत्र में बुधवार शाम मौसम ने अचानक…
NEET UG 2026 Paper Leak : देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026…
Prateek Yadav death : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे…
This website uses cookies.