Chhattisgarh Accident : छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के गुंडरदेही गांव में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने सड़क के किनारे खड़ी 12 साल की मासूम छात्रा पूनम को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में छठी कक्षा की छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ड्राइवर ने मानवता को शर्मसार करते हुए मदद करने के बजाय ट्रक को पूरी रफ्तार से दौड़ाते हुए फरार होने की कोशिश की। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है, वहीं आरोपी की संवेदनहीनता ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है।

पुलिस और ट्रक ड्राइवर के बीच 55 किलोमीटर की फिल्मी चेसिंग
आरोपी ड्राइवर की पहचान यूपी निवासी देवी सिंह के रूप में हुई है, जो घटना के समय अत्यधिक नशे में धुत था। पकड़े जाने के डर से उसने ट्रक को लगभग 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भगाना शुरू कर दिया। मोहला और मानपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस ने नाकेबंदी की थी, लेकिन आरोपी ने अपने ट्रक से बैरिकेड्स को टक्कर मारते हुए पुलिस जवानों को भी रौंदने की कोशिश की। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। यह रोमांचक और खतरनाक पीछा करीब 55 किलोमीटर तक जारी रहा, जिससे नेशनल हाईवे पर राहगीरों के बीच दहशत का माहौल बना रहा।

कोरकोट्टी में पुलिस ने कसा शिकंजा
पुलिस की कई टीमों ने हार नहीं मानी और लगातार ट्रक का पीछा करती रही। आखिरकार, मानपुर और कोहका थाना क्षेत्र के बीच कोरकोट्टी गांव के पास पुलिस ने ट्रक को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को चारों ओर से घिरा पाकर ड्राइवर ने ट्रक को मोड़ने का असफल प्रयास किया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी देवी सिंह को दबोच लिया। हादसे के दौरान आरोपी को भी चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह पुलिस की हिरासत में है।
ग्रामीणों का विरोध और प्रशासनिक आश्वासन
इस दुखद घटना के बाद गुंडरदेही के निवासियों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बच्ची के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब घंटों तक चला प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अंबागढ़ चौकी अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि इस पूरे मामले में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।










