Coal Ministry Award 2026 : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित परसा ईस्ट एंड कांटा बासन (PEKB) ओपनकास्ट कोयला खदान ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय की ओर से वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयोजित वार्षिक स्टार रेटिंग मूल्यांकन में इस खदान को सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग प्रदान की गई है। इसके साथ ही खदान को प्रतिष्ठित ‘5 स्टार अचीवर्स प्राइज’ से भी सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि पीईकेबी खदान को लगातार पांचवीं बार यह उपलब्धि हासिल हुई है।
रायपुर में आयोजित समारोह में मिला प्रतिष्ठित सम्मान
यह पुरस्कार 2 नवंबर 2026 को रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित ‘स्टार रेटिंग अवार्ड समारोह-2026’ में प्रदान किया गया। कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पीईकेबी खदान को यह सम्मान दिया। खदान को सुरक्षित, वैज्ञानिक, दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल खनन व्यवस्था विकसित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह पहचान मिली है। इसके अलावा उच्च सुरक्षा मानकों और बेहतर परिचालन व्यवस्था ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राजस्थान की बिजली जरूरतों में निभा रही अहम भूमिका
पीईकेबी कोयला खदान का संचालन परसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड (PKCL) द्वारा किया जाता है। यह खदान राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की तापीय बिजली परियोजनाओं के लिए कोयले का प्रमुख स्रोत है। यहां से निकलने वाला कोयला राजस्थान की कुल 4,340 मेगावाट क्षमता वाली तापीय विद्युत इकाइयों को ऊर्जा उपलब्ध कराने में योगदान देता है। इससे लाखों बिजली उपभोक्ताओं तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलती है।

अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज की दोनों खदानों को मिली सफलता
खनन क्षेत्र में इस उपलब्धि के साथ एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। माइन डेवलपर एवं ऑपरेटर के रूप में अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज द्वारा संचालित पीईकेबी और गारे पेलमा सेक्टर-तीन कोयला खदानों को भी 5-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि खनन क्षेत्र में तकनीकी दक्षता, सुरक्षा व्यवस्था और परिचालन प्रबंधन के महत्व को दर्शाती है।
देश की 50 खदानों को मिली 5-स्टार रेटिंग
कोयला मंत्रालय के वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन में देशभर की कुल 50 कोयला खदानों को 5-स्टार रेटिंग के योग्य पाया गया। इनमें 15 भूमिगत और 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। खास बात यह है कि इन 50 खदानों में छत्तीसगढ़ की केवल पांच खदानों को जगह मिली है। इससे राज्य के खनन क्षेत्र की राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि सामने आई है।

पारदर्शी मूल्यांकन में कई महत्वपूर्ण मानकों की जांच
कोयला खदानों की स्टार रेटिंग प्रक्रिया कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन की निगरानी में पूरी की जाती है। इसके लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों और अधिकृत एजेंसियों की सहायता ली जाती है। मूल्यांकन के दौरान उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता, तकनीकी नवाचार, श्रमिकों का स्वास्थ्य, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के कल्याण जैसे विभिन्न पहलुओं की जांच की जाती है। इन सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली खदानों को उच्च रेटिंग दी जाती है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत खनन पर विशेष ध्यान
पीईकेबी खदान में कोयला उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाती है। यहां भूमि पुनर्वास, जैव विविधता के संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जाते हैं। खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा के साथ जिम्मेदार खनन का संदेश
लगातार पांचवीं बार 5-स्टार सम्मान हासिल करना पीईकेबी खदान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान यहां कार्यरत इंजीनियरों, खनिकों और प्रबंधन की मेहनत को दर्शाता है। साथ ही यह उपलब्धि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और सतत विकास के अनुरूप जिम्मेदार खनन व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी रेखांकित करती है।
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