Kapil Sibal on SIR : देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल हैं। इस मुद्दे पर वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। अब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए पुराने और हालिया बयानों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
अमित शाह के पुराने बयान को लेकर कपिल सिब्बल का सवाल
शनिवार, 7 नवंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल ने कहा कि जब संसद में SIR का मुद्दा उठा था, तब विपक्षी दलों ने इस विषय पर चर्चा कराने की मांग की थी। उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कथित तौर पर कहा था कि SIR चुनाव आयोग का फैसला है और सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। सिब्बल के मुताबिक, इसी आधार पर सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की आवश्यकता से इनकार किया था।

‘SIR चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है’, अमित शाह ने कहा था: सिब्बल
कपिल सिब्बल ने अमित शाह के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। इसलिए संसद में इस विषय पर बहस कराने की जरूरत नहीं है। सिब्बल ने कहा कि अमित शाह का यह बयान केवल विपक्ष ने ही नहीं, बल्कि पूरे देश ने सुना था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार इस मामले को चुनाव आयोग का विषय बता रही थी, तो अब उसका रुख अलग क्यों दिखाई दे रहा है?

अब संसद में SIR पर चर्चा के लिए तैयार सरकार
राज्यसभा सांसद ने कहा कि हाल ही में अमित शाह ने अलग रुख अपनाते हुए राहुल गांधी से कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें। सिब्बल के मुताबिक, गृह मंत्री ने अब SIR विवाद पर संसद में चर्चा कराने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। सिब्बल ने इसी बदलाव को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
‘अब विचार और बातें बदल गईं, आखिर ऐसा क्यों हुआ?’
कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि पहले जिस मुद्दे पर सरकार संसद में चर्चा को जरूरी नहीं मान रही थी, अब उसी पर चर्चा कराने की बात क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि अमित शाह के विचार, बातें और सोच बदलती दिखाई दे रही हैं। सिब्बल ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि गृह मंत्री को अपना रुख बदलना पड़ा? उनके मुताबिक, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि SIR पर संसद में चर्चा कराने की जरूरत अब क्यों महसूस हो रही है।

SIR पर विपक्ष और सरकार के बीच बढ़ता टकराव
SIR को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की भूमिका और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर संसद में चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। कपिल सिब्बल के ताजा सवालों ने इस विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि सरकार SIR पर विशेष चर्चा के प्रस्ताव को लेकर क्या कदम उठाती है और विपक्ष की मांगों पर उसका क्या रुख रहता है।

